सिरसा। खेलों में भाग लिए बिना ही प्रमाणपत्र जारी करने का सीएम फ्लाइंग की ओर से भंडाफोड़ किया गया है। खेल एसोसिएशन के सदस्यों ने मिलीभगत कर 100 फीसदी दिव्यांग लड़की का ही फर्जी प्रमाणपत्र जारी कर दिया। आरोपी सात हजार रुपये में ही प्रमाणपत्र जारी करते थे। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नाथूसरी चोपटा थाना में दी शिकायत में सीएम फ्लाइंग के एसआई राजेश कुमार ने बताया कि जिला सिरसा व फतेहाबाद के कुछ लोगों द्वारा खेल एसोसिएशन के पदाधिकारियों से मिलीभगत करके फर्जी खेल प्रमाणपत्र बनाकर बेचने की शिकायत मिलने के बाद उन्होंने मामले की जांच की। उन्हें सूचना मिली की सिरसा के कुछ व्यक्तियों की ओर से गिरोह बनाकर जिला व राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता में पोजिशन व भाग लेने के फर्जी प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं। गिरोह का भांडा फोड़ने के लिए उन्होंने अपने दोस्तों से इस संबंध में जानकारी ली। जिसमें उन्हें गिरोह के एक सदस्य का मोबाइल नंबर प्राप्त हुआ। उन्होंने उस नंबर पर संपर्क किया और प्रतिभागिता प्रमाणपत्र की मांग की। गिरोह के सदस्य ने उससे 10 हजार रुपये में प्रमाणपत्र बनाने की बात कही तो 7 हजार रुपये में सौदा तय हो गया। उन्होंने मिलन पुत्री विनोद कुमार निवासी रूपावास के दस्तावेज आरोपी को भेज दिए। मिलन 100 फीसदी दिव्यांग थी। दस्तावेज भेजने के 20 दिन बाद बाद ही दिव्यांग का फर्जी वॉलीबॉल का प्रमाणपत्र बनकर आ गया। उन्होंने नंबर की जांच की तो नंबर सोनू निवासी गांव किरढाण फतेहाबाद का होना पाया। हरियाणा स्टेट वालीबॉल एसोसिएशन के प्रमाणपत्र पर खेल ऑर्गनाइजेशन के सदस्यों के हस्ताक्षर थे। वहीं नाथूसरी चोपटा पुलिस ने शिकायत के आधार पर सोनू के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।