संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर से लेकर गांवों तक के लोग पानी निकासी की समस्या से जूझ रहे हैं। यह मुद्दा हर बार चुनाव में उठता है, लेकिन आज तक कोई काम नहीं हुआ है। प्रचार के दौरान राजनेता बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन ये दावे धरातल पर उतरने से पहले ही हवा हो जाते हैं। लोगों का कहना है कि सरकारें बदलती रहीं, लेकिन जलनिकासी की समस्या आज भी जस की तस है।
शहर में सबसे अधिक परेशानी जनता भवन रोड के दुकानदारों व आसपास के स्थानीय लोगों को होती है। 51 साल से यहां पर जलनिकासी को लेकर कोई उचित कार्य नहीं किया गया है। तेज बारिश आने पर एक-दो दिन तक पानी की निकासी नहीं हो पाती। इस कारण यहां के दुकानदार सबसे अधिक परेशान रहते है। यही हालात कंगनपुर रोड के है। कंगनपुर रोड पर बारिश के बाद दो-दो दिन तक पानी नहीं निकलता। पिछले दिनों ही यहां के लोगों ने सड़क पर ही बैंच व कुर्सियां लगाकर जाम भी लगाया था।
शहर की अग्रसेन कॉलोनी में भी लंबे समय से सीवरेज व जलनिकासी न होने की समस्या बरकरार है। यहां के लोग कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से भी मिल चुके हैं, लेकिन आज तक उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। शहर के सुरखाब चौक व डबवाली रोड, सूरतगढि़या बाजार में भी यही हालात हैं। बस स्टैंड के सामने भी जलभराव होने से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। दैनिक यात्रियों ने बताया कि बारिश होने के कारण तो बस स्टैंड के दोनों गेटों पर जलभराव हो जाता है। पानी के अंदर से होकर गुजरना पड़ता है। ऐसे में उनके कपड़े व जूते गीले हो जाते हैं।
वर्जन
बस स्टैंड पर जल निकासी की समस्या सालों पुरानी है। मैं प्रतिदिन फतेहाबाद से काम करके सिरसा आता हूं। जब भी बारिश होती है तो बस स्टैंड से बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है। राजनीतिक लोग इसके लिए दावे तो अनेक करते हैं, लेकिन आज तक जलनिकासी का कोई समाधान नहीं हो पाया है। - प्रवीन कुमार, अग्रसेन कॉलोनी।
जनता भवन रोड पर जलभराव की समस्या काफी पुरानी है। बारिश के बाद तो यहां से दो-दो दिन तक पानी की निकासी नहीं हो पाती। इसके चलते दुकानदारी भी काफी प्रभावित होती है। चुनाव के समय निकासी का मुद्दा उठाता है, लेकिन बाद में इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जाता। - सुनील कड़वासरा, दुकानदार।
जनता भवन रोड पर जलनिकासी न होने की समस्या वर्षों पुरानी है। इस समस्या का समाधान आज तक नहीं हुआ है। जो भी राजनीतिक दल के लोग चुनाव में आते हैं, वह वादे तो अनेक करते हैं, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं हुआ है। - लखविंद्र सिंह औलख, किसान नेता।