सिरसा। बिजली कनेक्शन जारी करने की एवज में 10 हजार रुपये रिश्वत लेने के मामले जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोषी जेई बलजीत सिंह चार साल कैद व तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायालय ने 15 जुलाई को आरोपी एएलएम सतबीर को बरी कर दिया था और दोषी जेई बलजीत की सजा की फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस मामले में जेई बलजीत और एएलएम सतबीर के खिलाफ सितंबर 2016 को स्टेट विजिलेंस ब्यूरो हिसार ने अभियोग दर्ज किया था।
मामले के अनुसार शाह सतनाम पुरा निवासी मुकेश कुमार ने बिजली कनेक्शन लेने की फाइल जेई बलजीत सिंह को दी थी। जेई बलजीत सिंह ने कनेक्शन जारी करने की एवज में 10 हजार रुपये रिश्वत मांगी। मुकेश कुमार ने विजिलेंस ब्यूरो को इसकी शिकायत दी। 15 सितंबर 2016 को विजिलेंस ब्यूरो ने उपायुक्त के संज्ञान में सारी बात लाई। इसके बाद प्रशासन की ओर से डीडीपीओ प्रीतपाल सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। विजिलेंस ने मुकेश कुमार को 10 हजार रुपये दिए। इन नोटों पर फीनॉलफ्थेलिन पाउडर लगाया गया। इसके बाद मुकेश जेई बलजीत सिंह के कार्यालय पहुंचा। बलजीत ने मुकेश को उसकी दुकान में जाने के लिए कहा। इसके बाद मुकेश उसकी दुकान पर पहुंचा। कुछ देर बाद मुकेश ने बलजीत को कॉल की तो उसने कहा कि वह एएलएम सतबीर को भेज रहा है। मुकेश से सतबीर ने जैसे ही 10 हजार रुपये लिए तो तुरंत विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने उसे काबू कर लिया। मामले की सुनवाई के दौरान एएलएम सतबीर बेकसूर निकला। सोमवार को न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा ने जेई बलजीत सिंह को चार साल कैद की सजा सुना दी।