संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। परिवहन विभाग की ओर से रोडवेज की बसों में ई टिकटिंग मशीनों के जरिये टिकट काटने का काम शुरू किया जाना है। इसके लेकर मशीनों का दूसरी बार ट्रायल लिया गया। इसमें मशीनों की स्पीड तो बेहतर पाई गई, लेकिन किराये का सही मिलान नही हो पाया। अब संबंधित कंपनी की ओर से पोर्टल पर फिर से किराये की सूची अपलोड की जाएगी। इसके लिए परिवहन विभाग ने हरियाणा व साथ लगते राज्यों से भी सूची मांगी है।
करीब तीन माह पहले परिवहन विभाग ने सिरसा डिपो को 210 ई टिकटिंग मशीनें दी थी। इसके बाद इन मशीनों का चंडीगढ़ और दिल्ली के रूट पर ट्रायल लिया गया। पहले ट्रायल में मशीनों की स्पीड कम होने और किराया सही न होने के कारण परिचालकों को इस परेशानी का सामना करना पड़ा था।इसके बाद इस मामले की जानकारी ई टिकटिंग मशीन संबंधित कंपनी को दी गई। इसके बाद कंपनी ने मशीनों की प्रोसेसिंग को बढ़ा दिया और किराये की लिस्टों को पोर्टल पर अपलोड किया और उसकी फीडिंग सभी मशीनों में दोबारा से की गई। इसके पश्चात अब विभाग ने फिर से मशीनों का ट्रायल लिया। दूसरे ट्रायल में मशीनों की प्रोसेसिंग तो ठीक हो गई लेकिन किराये की समस्या का समाधान नहीं निकल पाया। इसमें मशीनों से निकलने वाली पर्ची पर स्टोपेज के अनुसार सही किराया नहीं पाया गया। इसके बाद अब विभाग की ओर से मुख्यालय को इसकी जानकारी दी गई है। अब परिवहन विभाग ने हरियाणा के साथ लगते अन्य राज्यों के किराये की लिस्ट भी मंगाई गई है। जिसे पोर्टल पर दोबारा से अपलोड किया जाएगा ।
तीन माह से स्टोर में पड़ी है सभी मशीनें
मुख्यालय नेे सिरसा डिपो को 210 ई टिकटिंग मशीनें दी गई थी। इनमें से कुछ मशीनों को ट्रायल के लिए ही निकाला गया था। लेकिन शेष मशीनें स्टोर में ही पड़ी हैं।
वर्जन
ई टिकटिंग मशीनों का दूसरी बार ट्रायल लिया गया है। इसमें प्रोसेसिंग ठीक हो गई है, लेकिन किराये में अंतर आ रहा है। इसके कारण अब मुख्यालय ने दूसरे राज्यों से भी किराये की सूची मांगी है। सभी राज्यों का किराया एक समान न होने के कारण स्थिति आड़े आ रही है। कंपनी की ओर से दोबारा से मशीनों में किराया अपलोड किया जाना है। - आत्माराम, इंस्पेक्टर, डिपो सिरसा।