सिरसा। कालांवाली क्षेत्र पंजाब से महज पांच किलोमीटर दूर है। पंजाब के इतने करीब होने का नुकसान कालांवाली क्षेत्र के युवाओं को उठाना पड़ रहा है। पंजाब से आने वाला नशा युवाओं की रगों में घुलकर उन्हें मौत के करीब ले जा रहा है। हालांकि चार मुख्य रास्तों पर पुलिस ने नाके लगाए हुए हैं। इसके बावजूद कालांवाली में बड़े स्तर पर नशीले पदार्थ बिक रहे हैं। मेडिकल नशे की जद में आकर सोमवार देर शाम एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। हालांकि यह पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी वार्ड पांच में कई युवाओं की नशे के चलते मौत हो चुकी है।
आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले एक साल में कई युवाओं की मौत नशा करने से हुई है। लेकिन परिजनों के पुलिस से दूरी बनाने के चलते मामले दर्ज नहीं हो पाए है। इतना ही नहीं, मेडिकल नशे को लेकर चार माह पहले तक बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया था। करीब 10 मेडिकल स्टोर को मेडिकल नशा बेचने के चलते सील किया गया था। इनमें से कई दुकानें खुल चुकी हैं। बस मेडिकल स्टोर का लाइसेंस धारक मालिक बदल गया है। पुलिस अपने पर स्तर पर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर रही है। नशामुक्ति के लिए मंगलवार को एडीजीपी की टीम ने कालांवाली के हुडा ग्राउंड में नशा छोड़ने को लेकर एक क्रिकेट मैच करवाया।
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पंजाब से यह होता है सप्लाई
पंजाब से आने वाले नशे की बात करें तो चिट्टा सबसे ज्यादा सप्लाई किया जाता है। चिट्टे के अतिरिक्त मेडिकल नशा आता है। नशे की गोलियां और कैप्सूल की सप्लाई होती है। जानकारी के अनुसार गांव के कच्चे रास्तों के सहारे मोटरसाइकिल, स्कूटी आदि से यह नशा सप्लाई होता है। कई बार पुलिस की टीम बड़े स्तर पर नशा पकड़ चुकी है। इसके बाद भी पंजाब से आने वाले नशे पर रोक नहीं लगाई जा सकी है। पुलिस का विशेष कार्यालय होने के बाद भी नशे पर आज तक रोक नहीं लग पाई है।
कैसे पड़ती है नशे की आदत
बेरोजगार व पैसे वाले दो तरह के युवाओं को नशे का आदी बनाया जाता है। पहले बेरोजगार युवाओं से नशे की सप्लाई करवाई जाती है। वह भी सेवन करने लगते हैं और धीरे धीरे आदी हो जाते हैं। वहीं पैसे वाले युवा शौक के तौर पर नशे के आदी होते है। बाद में वह नियमित रूप से सेवन करने लगते है। हालांकि चिट्टा व मेडिकल नशा सप्लाई करने वाले 10 से 12 स्कूलों व आईटीआई के पास भी डेरा डाले रहते है।
कब-कब हुईं मौतें
- देशु मलकाना रेलवे फाटक के पास में जून 2023 में युवक की मौत हुई थी।
- बर्फ फैक्ट्री के पास नशा लेने के आए युवक की मौत हो गई थी। वह पंजाब रहने वाला था।
- वार्ड 10 में युवक की घर पर ही नशे का इंजेक्शन लगाने के दौरान मौत हो गई थी।
- वार्ड नंबर 1 में शौचालय में नशा करते हुए युवक की मौत हो गई थी।
-गांव जमालवाली में भी कई युवाओं की मौत हो चुकी है।
- गांव पक्का सहिता में ही 2022 में दो लोगों की मौत हो गई थी।
कालांवाली के मुख्य नाके
1 सिंहपुरा नाका
2. तख्तमल नाका
3 देशुमलाकाना
4 नौरंग नाका
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नियमित रूप से नशा करने वाले लोगों को गर्मी में डिहाइड्रेशन बड़ी तेजी से होता है,जो उनकी मौत का कारण बनता है।
- डॉ. पंकज शर्मा, मनोरोग चिकित्सक , नागरिक अस्पताल