संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। डबवाली क्षेत्र के गांव बनवाला व अहमदपुर दारेवाला की पंचायतों ने गांव में नशे को रोकने के लिए अहम फैसला लिया है। गांव में अब नशा तस्करों को सामाजिक रूप से बहिष्कार होगा। इसके साथ ही जमानत भी नहीं करवाई जाएगी।
नशा मुक्ति को लेकर गांवों में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बतौर नशा मुक्ति अभियान के नोडल अधिकारी सज्जन सिंह बतौर प्रवक्ता पहुंचे। कार्यक्रम में युवाओं, सरपंचों व आमजन को संबोधित किया। इस दौरान गांव में नशा मुक्ति अभियान में तेजी लगाने और गांवों को नशा मुक्त करवाने का संकल्प लिया गया।
रेंज कार्यालय प्रवक्ता सज्जन सिंह ने बताया कि मुहिम के तहत टीम ने गांवों का डोर टू डोर सर्वे किया। इसमें गांव अहमदपुर दारेवाला में चार युवाओं को चिह्नित किया गया है। गांव बनवाला में 35 युवा मेडिकल नशे से प्रभावित थे, इनका उपचार शुरू करवाया गया था। इनमें आधे से ज्यादा युवाओं ने मेडिकल नशे को अलविदा कह दिया है।
उन्होंने बताया की एडीजीपी डॉ. रवि किरण के नेतृत्व में संपूर्ण रेंज में नशा मुक्ति को लेकर अभियान चल रहा है। इस अभियान की संपूर्ण कामयाबी के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी अग्रणी भूमिका निभानी पड़ेगी।
82 वर्षीय पूर्व सरपंच बोले- नशा मुक्ति की ओर बढ़ रहा जिला
अहमदपुर दारेवाला के 82 वर्षीय पूर्व सरपंच गोविंद राम ने बताया कि क्षेत्र में तेजी से सुधार हो रहा है। अब सिरसा जिला नशा मुक्ति की ओर बढ़ रहा है और लोग जागरूक हो रहे हैं। गांव अहमदपुर दारेवाला व गांव बनवाला के सरपंच सतवीर जाखड़ व संपूर्ण पंचायत ने बताया कि दोनों गांव में तस्करों का सामाजिक बहिष्कार के साथ-साथ पकड़े जाने पर उनकी जमानत नहीं करवाई जाएगी। इसकी पंचायत ने सार्वजनिक मंच से घोषणा की हुई है। इस अवसर पर किशोर कुमार, राम सिंह, सुभाष चन्द्र, रूप राम के साथ ग्रामीण तथा युवा मौजूद रहे।