सिरसा। आयुष्मान कार्ड की सुविधा जिले क 77 अस्पतालों में गरीब व जरूरतमंद लोगों को नहीं मिल पाएगी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर चिकित्सकों ने 16 मार्च यानि शनिवार से आयुष्मान के तहत चिकित्सा सुविधा नहीं देने का ऐलान कर दिया है। हालांकि अनिश्चितकालीन के रूप में इनकी सेवाएं 31 मार्च तक जारी रहेंगी। इसके बाद भी अगर प्रदेश सरकार ने उनकी मांगों को नहीं माना तो 1 अप्रैल से ये सेवाएं भी बंद हो जाएंगी।
आईएमए के अनुसार सरकार की आयुष्मान योजना के तहत जिले 77 अस्पतालों ने लोगों के रोगों का उपचार किया। परंतु प्रदेश सरकार ने अभी तक उनका करीब 30 करोड़ रुपये भुगतान नहीं किया है। इसके अलावा कई तकनीकी खामियां भी हैं, जिसके कारण आयुष्मान कार्ड सिस्टम को ऑनलाइन करने में भी चिकित्सकों को परेशानी आती है।
बता दें कि सिरसा जिले में आयुष्मान योजना के तहत बड़े स्तर पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है। मुख्य रूप से हृदय के ऑपरेशन के अतिरिक्त हड्डियों व अन्य तरह के उपचार के लिए आयुष्मान योजना का लाभ मिलता है। प्रदेश सरकार की ओर से पांच लाख रुपये तक उपचार की सुविधा मिलने से बड़े स्तर पर लोगों को इसका लाभ मिला है। जिले में हर माह 1500 से 2000 हजार मरीजों को आयुष्मान योजना लाभ का मिलता है। ऐसे में 15 मार्च रात 12 बजे के बाद अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड पर उपचार बंद हो जाएगा। हालांकि संगठन से जुड़े चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल अस्पतालों में जो दाखिल हैं, उनकी आयुष्मान योजना की सुविधा जारी रखी रहेगी।
कई दौर की बातचीत के बाद भी समाधान नहीं
चिकित्सकों के अनुसार आईएमए की स्टेट बॉडी निर्णय लिया है कि आयुष्मान व चिरायु योजना में राज्य के हजारों चिकित्सकों का करोड़ों रुपया फंसा हुआ है। सरकार की ओर से इस पैसे को जारी करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। जबकि सरकार के साथ कई बार बातचीत हो चुकी है। चिकित्सकों ने बताया कि स्टेट बॉडी ने सरकार को 15 मार्च का समय दिया था, लेकिन उक्त अवधि में भी प्रदेश सरकार ने इसका समाधान किया। इसलिए निजी अस्पतालों की ओर से 16 मार्च यानी शनिवार से आयुष्मान कार्ड व चिरायु कार्ड पर इलाज पुरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। आईएमए के आगामी निर्देशों के बाद ही इस सुविधा को पुन: शुरू किया जाएगा।
यह है मुख्य समस्याएं
1 - सरकार के बनाए पोर्टल में बार बार परेशानी आती है, इसमें सुधार किया जाए।
2 - सरकार की ओर से निर्धारित समय पर राशि का भुगतान किया जाए।
3 - सरकार की ओर से इलाज खर्च का तीसरा हिस्सा ही दिया जाता है। टुकड़ों में राशि देने से बड़ी परेशानी आती है।
4 - लाखों रुपये उपचार का अटकने से अस्पताल चलाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
प्रदेश सरकार पीछे के बकाया राशि का 30 मार्च तक भुगतान करें। उच्च स्तर पर एसोसिएशन के पदाधिकारी इस मामले को डील कर रहे हैं। जो निर्णय एसोसिएशन की प्रदेश कार्यकारिणी निर्णय लेगी। उसी अनुसार आगामी कदम उठाए जाएंगे।
डॉ. अशोक पारीक, पीपीए प्रवक्ता