संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में बरनाला रोड स्थित पंचायत भवन में सोमवार सुबह हुई। इसमें कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल ने शिकायतें सुनीं। एजेंडा में 12 शिकायतों को शामिल किया गया। बैठक में मंत्री ने 12 में से 10 शिकायतों का मौके पर ही निपटान किया।
बैठक में पहली शिकायत एचडीएफसी बैंक से संबंधित थी। इसमें शिकायतकर्ता बकरियांवाली निवासी कविता रानी ने परिजनों और बैंक कर्मियों पर धोखाधड़ी कर फर्जी तरीके से लोन करने के आरोप लगाए थे। इस मामले में पिछले बैठक में जांच के आदेश दिए गए थे। कृषि मंत्री ने स्टेटस पूछा तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस पर मंत्री डीएसपी पर भड़क गए और जांच कर बैंककर्मियों पर एफआईआर करने के आदेश दिए। कृषि मंत्री ने डीएसपी से कहा कि आप हर बार एक ही बात बोलते हैं, इसलिए अब कार्रवाई करो।
बैठक में मंडी कालांवाली निवासी कृष्ण कुमार जिंदल द्वारा अवैध तरीके से बनाई गई दुकानों की शिकायत पर सुनवाई हुई। स्टेटस मांगने पर मंत्री के समक्ष अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि मामले की जांच हो गई है, जिसमें कुछ खामियां भी पाई गई हैं। इस पर कृषि मंत्री ने मामले को स्टेट विजिलेंस के माध्यम से जांच करवाने के निर्देश दिए। इस प्रकार जिले के गांव कुक्कड़ थाना निवासी ओमप्रकाश ने शिकायत दी कि फसल का मुआवजा उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा है, जबकि प्रीमियम भी भरा था। शिकायतकर्ता ने बताया कि जोधकां, डिंग, मोचीवाली व कुक्कड़थाना में रबी 2021 में गेहूं व सरसों फसल के नुकसान के मुआवजा नहीं मिला। इस पर कृषि मंत्री ने बैंक अधिकारियों को जल्द भुगतान के निर्देश दिए।
मंडी डबवाली निवासी पवन कुमार ने भाई के खिलाफ उसके मकान पर भाई के कब्जे की शिकायत दी। इस पर कृषि मंत्री दलाल ने कहा कि पुलिस इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करे और शिकायतकर्ता पुलिस अधीक्षक से मिलकर सारा मामला बताएं ताकि न्याय मिल सके। बैठक में पहुंचे एक शिकायतकर्ता ने अधिकारी की तारीफ तो मंत्री ने बीच में ही टोका और कहा कि आप क्या शिकायत करने आए हो या तारीफ करने। एजेंडे में शामिल शिकायतें सुनने के बाद कृषि मंत्री ने अन्य शिकायतें भी सुनीं। इसमें एक शिकायतकर्ता ने सीडीएलयू प्रशासन पर आरोप लगाया कि बिना किसी कारण उसके बेटे को नौकरी से हटा दिया गया है। इसके पर मंत्री ने जांच के आदेश जारी किए हैं। बैठक में मार्केटिंग बोर्ड के चेयरमैन आदित्य देवीलाल, उपायुक्त पार्थ गुप्ता, पुलिस अधीक्षक उदय सिंह मीणा, एडीसी डॉ. विवेक भारती, रतनलाल बामणिया, जिला परिषद के सीईओ सुशील कुमार, एसडीएम ऐलनाबाद डॉ. वेद प्रकाश, एसडीएम राजेंद्र कुमार, एसडीएम कालांवाली अजय सिंह, एसडीएम डबवाली अभय सिंह, डीएमसी डॉ. किरण सिंह, सदस्य रोहताश जांगड़ा, उपस्थित थे।
मंत्री बोले - बैठक का उद्देश्य आमजन को न्याय दिलाना
कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि कष्ट निवारण समिति की बैठक का उद्देश्य आमजन को न्याय दिलवाना है, इसलिए अधिकारी व कर्मचारी न्याय व सेवा की भावना से कार्य करते हुए जनता की समस्याओं का समाधान करें। अधिकारी सार्वजनिक समस्याओं का तत्परता से निदान करें, ताकि जनता को यह नौबत ही न आए कि उन्हें अपनी शिकायतों को समिति में रखना पड़े।
पंचायत चुनाव में वोट नहीं दिया तो अब रंजिश निकालने के लगाए आरोप, जांच के आदेश
बैठक में गांव दड़बा निवासी व्यक्ति ने शिकायत देते हुए कहा कि पंचायत चुनाव में वोट नहीं दिए तो मौजूदा सरपंच अब रंजिश निकाल रही है। उन्होंने कहा कि शिकायत दी तो चोपटा थाना के एसएचओ का फोन आया कि शिकायत वापस ले लो। मंत्री ने इस मामले के जांच के आदेश दिए हैं। एक अन्य शिकायत में गांव गंगा निवासी शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बिजली निगम के अधिकारी फोन नहीं उठाते। मंत्री ने बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता से रिपोर्ट मांगी। एसई ने मंत्री को बताया कि उक्त अधिकारी मानसिक तौर पर परेशान है, इसलिए उक्त अधिकारी के ट्रांसफर के लिए पत्र लिखा हुआ है।
समिति सदस्य ने लगाए आरोप- बोली गंभीर शिकायतें तो बैठक में पहुंचने ही नहीं देते अधिकारी
कष्ट निवारण समिति की सदस्य निताशा राकेश सिहाग ने आरोप लगाए कि गंभीर शिकायतों को तो बैठक तक आने ही नहीं दिया जाता। अधिकारियों द्वारा मनमर्जी से शिकायतें एजेंडा में शामिल की जाती है। इतना ही नहीं शिकायतकर्ताओं को बाहर ही रोक दिया जाता है। कष्ट निवारण समिति के सदस्यों के वाहनों को भी बाहर ही रुकवा दिया जाता है। मंत्री ने कहा कि सभी शिकायतों की एक कॉपी मुझे भी उपलब्ध करवाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी शिकायतकर्ता को बाहर न रोका जाए। मंत्री ने कहा कि शिकायतकर्ताओं से विनम्रता पूर्वक व्यवहार करते हुए उन्हें बैठक में आने दें।
पंचायत भवन में कृषि मंत्री जेपी दलाल शिकायतकर्ताओं की शिकायतें सुनते। संवाद