संवाद न्यूज एजेंसी
ओढां। जवाहर नवोदय विद्यालय से कक्षा 9वीं की छात्रा ज्योति ने एक पैर से सफलता की ऐसी इबारत लिखी कि पूरे प्रदेश को उस पर नाज है। ऐलनाबाद निवासी 15 वर्षीय ज्योति जन्म से ही एक पैर से दिव्यांग है, लेकिन उसके आत्मविश्वास के आगे दिव्यांगता ने भी घुटने टेक दिए। गुजरात में चल रही राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में ज्योति ने स्टिंग जेवलिन थ्रो एवं शॉटपुट में स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश व अपने परिजनों का नाम रोशन किया है। ज्योति अब दिसंबर में थाइलैंड में होने वाले वर्ल्ड एबिलिटी गेम्स में भारत की ओर खेलकर दम दिखाएगी।
ज्योति जब कक्षा 8वीं में थी तो उसकी खेलों की तरफ रूचि को देखते हुए नवोदय विद्यालय समिति जयपुर संभाग ने प्रशिक्षण के लिए जवाहर नवोदय विद्यालय गचीबोली रंगारेड्डी (आंध्रप्रदेश) में भेजा था। ज्योति की इस शानदार उपलब्धि पर जवाहर नवोदय विद्यालय ओढां की प्रबंधन समिति ने बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्राचार्य ललित कालड़ा ने बताया कि दिव्यांग होने के बावजूद भी ज्योति की शुरू से ही खेलों में काफी रुचि थी। अपनी प्रतिभा के बल पर अपने परिजनों व विद्यालय का नाम चमकाया है। उन्हें ज्योति पर गर्व है। प्राचार्य ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि ज्योति थाइलैंड में भी अपनी बेहतर प्रतिभा का लोहा मनवाएगी।
पिता करते हैं ड्राइविंग, बोले- बेटी पर नाज
ज्योति के पिता विजयपाल ड्राइविंग करते हैं। उन्होंने बताया कि उसके एक लड़का व 3 लड़कियां हैं। इनमें ज्योति 2 बहनों से छोटी है। ज्योति एक पैर से जन्म से ही दिव्यांग है। 4 वर्षों से ओढां के जवाहर नवोदय विद्यालय में पढ़ाई कर रही है। ज्योति का बचपन से ही खेलों की ओर काफी लगाव था। उन्हें नाज है कि उनकी बेटी उनका नाम रोशन कर रही है। उन्होंने कहा कि बच्चा चाहे दिव्यांग क्यों न हो उसको भी सामान्य बच्चों की भांति अवसर देना चाहिए।