संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। डेरा जगमालवाली में संत वकील साहिब महाराज के चोला छोड़ने के बाद शुरू हुआ विवाद अभी शांत नहीं हुआ है। संत वकील साहिब की मौत की सीबीआई जांच के लिए डेरे के हजारों अनुयायी व अमर सिंह दिल्ली के जंतर मंतर पर एकत्रित होकर धरने पर बैठ गए। अनुयायियों ने जंतर मंतर पर शाम पांच बजे तक नाम सुमिरन किया।
संत वकील साहिब के परिवार के सदस्यों ने महात्मा विरेंद्र को डेरे की गद्दी सौंपी है। वे ट्रस्ट के साथ मिलकर डेरे का संचालन कर रहे हैं। इसके विपरीत दूसरे पक्ष का विरोध अभी तक जारी है। पूर्व घोषणा के अनुसार रविवार सुबह डेरे के अनुयायी व अमर सिंह दिल्ली जंतर मंतर पर एकत्रित हुए और संत वकील साहिब की मौत की सीबीआई जांच की मांग की। जंतर मंतर पर चल रहे धरने को सोशल मीडिया पर लाइव किया गया।
लाइव वीडियो के दौरान अनुयायियों ने कहा कि कुछ लोग भ्रम फैला रहे थे कि प्रदर्शन करने के लिए सरकार से अनुमति नहीं मिली है। वह लोग देख लें कि सरकार से अनुमति भी मिल गई है और संत वकील साहिब को न्याय दिलाने के लिए सीबीआई जांच की मांग भी कर रहे हैं।
स्वयं को डेरा प्रमुख संत वकील साहिब के भतीजे कहने वाले अमर सिंह ने मंच पर कहा कि संगत ने साबित कर दिया कि संत साहिब को लेकर सभी न्याय की मांग करने से पीछे नहीं हटेंगे। हम शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने के लिए जंतर-मंतर पर आए हैं और शांति पूर्वक प्रदर्शन करेंगे।
इस प्रकार चला पूरा घटनाक्रम
डेरा जगमालवाली के संत वकील साहिब ने 31 जुलाई को दिल्ली के मैक्स अस्पताल में चोला छोड़ दिया था। संत वकील साहिब की देह को डेरा जगमालवाली में लाने के बाद अंतिम संस्कार के लिए महात्मा विरेंद्र व दूसरे पक्ष के लोगों के बीच विवाद हो गया। पहली बार डेरा जगमालवाली में गोलियां चलीं और पुलिस ने आकर एक पक्ष के लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद एडीजी, तीन एसपी, पांच डीएसपी सहित भारी पुलिस बल के बीच संत वकील साहिब के शरीर को बिश्नोई रीति-रिवाज से मिट्टी दी गई। दो दिन बाद संगत व मौजिज लोगों ने पूर्व डेरा प्रमुख मैनेजर साहिब के परिवार के गुरप्रीत सिंह को डेरा प्रमुख बनाने की घोषणा कर दी। आठ अगस्त को संत वकील साहिब का भोग किया गया। इसके बाद संत वकील साहिब की बहन, बेटे और परिवार के लोगों ने महात्मा विरेंद्र को पगड़ी पहना दी। इसके बाद से ही संत वकील साहिब की मौत को लेकर विवाद कायम है।
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महात्मा विरेंद्र को मिल चुकी है धमकी
डेरे की ओर से बनाए गए सोशल मीडिया ग्रुप में दो दिन पहले महात्मा विरेंद्र सिंह को जान से मारने की धमकी मिली थी। इस मामले में डेरे के ट्रस्टी नंद लाल ग्रोवर ने कालांवाली थाने में शिकायत दर्ज करवाते हुए महात्मा विरेंद्र को सुरक्षा देने की मांग की थी। इस मामले में साइबर सेल और कालांवाली थाना प्रभारी मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं, लेकिन अभी तक आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
दिल्ली में जंतर मंतर पर धरने पर बैठे डेरे जगमालवाली के अनुयायी। स्रोत : संगत