सिरसा। शहर में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी और एक्सईएन के साथ दुर्व्यवहार करने सहित विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किए गए मामले को 12 दिन का वक्त बीत गया है। जहां पुलिस इस मामले में अपने स्तर पर जांच कर रही है, वहीं विभाग की ओर से कोई कार्रवाई इस मामले में अभी तक नहीं की गई है।
मामले में सिर्फ एजेंसी की मशीनों को पुराने नगर परिषद कार्यालय में खड़ा करवाकर काम बंद करवा दिया है, लेकिन मशीन से तेल चोरी मामले में कोई जांच अभी तक नहीं बैठाई गई है कि आखिरकार कौन नगर परिषद का कर्मचारी एजेंसी के कर्मचारियों के साथ मिलकर तेल का खेल खेल रहा था। हैरानी की बात है कि नगर परिषद के दो बड़े अधिकारी पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाने के बाद चुप्पी साध जाते हैं। कोई विभागीय जांच अभी तक शुरू नहीं हुई है। वहीं एजेंसी के काम बंद करने के बाद सफाई का काम नगर परिषद के कर्मचारियों के कंधों पर आ गया है। सफाई प्रभावित नहीं हो। इसके लिए विभाग की ओर से अस्थाई व्यवस्था की गई है।
यह था मामला
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अतर सिंह खनगवाल और कार्यकारी अभियंता विक्की को सूचना मिली थी कि शहर की रोड स्वीपिंग करने वाली मशीन के कर्मचारी तेल निकालते हैं। उनके साथ कुछ विभाग के कर्मचारी मिले हुए हैं। ऐसे में 11 अप्रैल की रात को दोनों अधिकारी मौका निरीक्षण करने हुडा चौक पहुंच गए, जहां पर मशीन काम कर रही थी। इस दौरान मशीन के दोनों सफाई करने वाले ब्रुश बंद थे। जब ईओ ने मशीन के सुपरवाइजर व कर्मचारी से ब्रुश बंद होने का कारण पूछा तो दोनों ने उनके साथ गाली गलौच करने से लेकर ब्लैकमेलिंग करने तक के गंभीर आरोप लगाए। इतना ही नहीं, दोनों अधिकारियों की कर्मचारियों ने वीडियो तक बना ली। आरोप है कि अधिकारियों को मारने की धमकी दी और डंडा निकाल लेकर आ गए। इस दौरान विभाग के दूसरे कर्मचारियों को अधिकारियों ने मौके पर बुलाया और पुलिस को शिकायत दी। जिसके बाद से पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अभी एजेंसी को मशीन बंद करने के आदेश दिए गए हैं। नगर परिषद की ओर से डिवाइडरों की सफाई करवाई जा रही है। जहां तक विभागीय जांच की बात है, अभी तक अधिकारियों की ओर से तेल चोरी मामले में कोई आगामी जांच के आदेश नहीं आए हैं।
-जयवीर सिंह, सीएसआई, नगर परिषद सिरसा