सिरसा। एजेंट की ओर से आर्मेनिया के रास्ते ऑस्ट्रेलिया भेजने, वर्क वीजा देने के नाम पर ई वीजा देने का फिर से एक मामला उजागर हुआ है। आर्मेनिया में फंसे हिसार निवासी युवक ने सोशल मीडिया के माध्यम से एजेंट की ओर से धोखाधड़ी किए जाने, गलत वीजा देने के आरोप लगाए हैं। जिसके चलते पीड़ित के परिजनों ने अब सिरसा के बस स्टैंड चौकी में पहुंचकर हंगामा किया और मामले की शिकायत पुलिस को दी है। पीड़ित परिवार ने एजेंट से पूरी राशि वापस लेने और आर्मेनिया से युवक को वापस स्वदेश बुलाने की मांग रखी है। हालांकि पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है।
वहीं हिसार के गांव जगाण निवासी पीड़ित परिवार की सुषमा रानी ने बताया कि उनके बेटे अमनदीप और रिश्तेदार विक्की को ऑस्ट्रेलिया भेजना था। जिसके चलते उन्होंने सिरसा के यातायात थाना के समक्ष स्थित एक एजेंट के कार्यालय में साथ संपर्क किया। उक्त एजेंट की ओर से प्रत्येक व्यक्ति के लिए पांच-पांच लाख रुपये लिए गए थे और पहले आर्मेनिया और इसके बाद वहां से ऑस्ट्रेलिया भेजने की बात कही थी। उन्होंने बताया कि उनके बच्चे दो मार्च को आर्मेनिया के लिए रवाना हुए थे। उक्त एजेंट ने आर्मेनिया में वर्क परमिट दिलवाने की बात कही थी। लेकिन मौके पर ई वीजा देकर भेज दिया और कुछ दिन पश्चात वह वर्क परमिट में बदलने का आश्वासन दिया था। उनके बच्चे आर्मेनिया में पहुंच गए। 21 दिन बाद उनका ई वीजा भी खत्म हो गया है। जिसके बाद वह अवैध रूप से अब आर्मेनिया में रह रहे थे। वहां पर उनको न तो काम मिल पाया है और न ही आस्ट्रेलिया में भेजा गया है। जिसके चलते अब उनके बच्चे आर्मेनिया में फंस गए है। वहां पर उनको न तो खाने के लिए कुछ मिल रहा है और न ही कोई अन्य व्यवस्था है। उन्होंने आरोप लगाया कि वह पहले भी पुलिस को मामले की शिकायत दे चुके हैं। लेकिन पुलिस की ओर से कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
पीड़ित बोले: प्रदेश के 200 से अधिक युवक फंसे हैं आर्मेनिया में
वहीं आर्मेनिया में फंसे युवक अमनदीप और विक्की ने सोशल मीडिया के माध्यम से बातचीत के दौरान बताया कि एजेंट ने पहले भी कई युवकों को इसी तरह से वहां पर फंसा रखा है। उन्होंने कहा कि उक्त एजेंट ने उनसे पांच-पांच लाख रुपये की राशि पहले ही ले ली और मौके पर ई वीजा दे दिया। एजेंट ने उन्हें एक लाख रुपये प्रति माह का वेतन दिलवाने का दावा किया था। लेकिन यहां पर स्थिति बेहद ही खराब है। उन्होंने बताया कि न तो उन्हें यहां पर काम मिल पा रहा है और न ही खाने लायक कुछ है। जैसे तैसे कर वह गुजारा कर रहे हैं। जब वह एजेंट से बात करते है तो वह भी सुनवाई नहीं कर रहा। उनके पास न तो वापस आने के लिए कोई व्यवस्था और वह अब अवैध रूप से आर्मेनिया में रहने को मजबूर हो रहे है। उन्होंने बताया कि 200 से अधिक युवक आर्मेनिया में इसी तरह से फंसे हुए है।
पहले भी आ चुका है मामला सामने, युवक लौटा एक सप्ताह पहले घर
बता दें कि एक सप्ताह पहले भी आर्मेनिया में युवक के फंसे होने का मामला सामने आया था। लकड़ावाली निवासी युवक बिल्लू को भी इसी एजेंट ने आर्मेनिया में भेजा था। पुलिस में मामला जाने के बाद उक्त एजेंट ने बिल्लू को वापस स्वदेश में बुला लिया। हालांकि उक्त पीड़ित के परिवार की तरफ से पुलिस को कोई भी मामले की शिकायत नहीं दी थी। ऐसे में अब फिर से उक्त एजेंट पर धोखाधड़ी किए जाने के आरोप लगे है। हालांकि बस स्टैंड चौकी पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है।
पीड़ित परिवार की ओर से मामले की शिकायत दी गई है। मामले की जांच की जा रही है। दोनों पक्षों से बातचीत की है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अवतार सिंह, थाना प्रभारी, सिविल लाइन सिरसा ।