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Sirsa News: 35 घंटे इंतजार के बाद मिल रही डीएपी खाद

Sat, 14 Sep 2024 12:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सरकारी बिक्री केंद्र के बाहर लाइन में लगे हुए महिला व पुरुष।
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सिरसा। धान, नरमा और ग्वार का सीजन अभी पूरा भी नहीं हुआ है और बाजरी को भी वक्त लगेगा। लेकिन गेहूं और सरसों की चिंता अभी से किसानों को सताने लगी है। डीएपी की कमी के कारण इनकी बिजाई में देरी न हो जाए, इसलिए 30 से 35 घंटे लाइन में लगकर किसान डीएपी लेने को मजबूर हैं।
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डीएपी लेने के लिए महिलाएं भी अब लाइन में लगीं नजर आ रही हैं। किसानों की माने तो डीएपी अभी धान में भी डाल सकते हैं। सबसे बड़ी चिंता गेहूं की बिजाई के समय डीएपी की होने वाली कमी है। समय पर डीएपी नहीं मिली तो गेहूं फसल की बिजाई मुश्किल हो जाएगी। ऐसा नहीं हो, इसलिए किसान दो दिन से लाइन में लगे हुए हैं। इतना ही नहीं, शुक्रवार अलसुबह तो खाद को लेकर कुछ किसानों के बीच में झगड़ा हो गया और लाठी डंडे तक चलाने की नौबत आ गई थी। किसी तरह से मौके पर मौजूद किसानों ने स्थिति को संभाला।
यह देखने को मिला नजारा
अनाजमंडी में सरकारी बिक्री केंद्र में डीएपी स्टोर में जरूरी थी। उससे कई गुणा ज्यादा किसान डीएपी लेने को लेकर लाइन में लगे हुए नजर आए। दोपहर दो बजे धूप में बिक्री केंद्र के बाहर किसान छांव की तलाश करते हुए बैठे थे। किसानों ने बताया कि वीरवार को लाइन में आकर लगे थे और पर्ची बनाकर दी थी। अभी तक खाद के लिए नंबर नहीं आया है। मौजूदा समय में सुबह से आए हुए किसान लाइन में खड़े हैं। इन्हें भी हमारी तरह शनिवार को ही खाद मिलेगी। 30 से 35 घंटे का इंतजार इन्हें भी करना पड़ेगा।
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महिलाएं भी लाइन में लगीं आई नजर
सरकारी खरीद केंद्र पर अभी तक जहां किसान ही लाइनों में लगे हुए नजर आते थे। अब महिलाएं भी देखने को मिल रही हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से महिलाओं के लिए कोई विशेष लाइन की व्यवस्था या सुविधा अभी तक मुहैया नहीं करवाई गई है। वहीं, कुछ किसान भी कहते हुए नजर आए कि आने वाले समय में हर जगह की तरह यहां पर भी महिला और पुरुषों की लाइनें देखने को मिलेगी। खाद की मजबूरी ही ऐसी है।

शुक्रवार सुबह आकर लाइन में लगे थे। कल रात को घर गए थे। अलसुबह वापस डीएपी लेने के लिए आकर बैठ गए है। अभी तक कल वालों का नंबर नहीं आया है। जानकारी मिली है कि वीरवार को 25,000 कट्टे आए थे। गांवों की अलग सोसायटी पर खाद भेज दी है। शुक्रवार सुबह से बैठे हैं दोपहर हो गई है। अभी तक खाद नहीं मिली है। उम्मीद है कि आज मिल जाएगी। अभी धान और अगले सीजन की गेहूं के लिए डीएपी ले रहे हैं। बाद में पता नहीं कि मिले न मिले।
-गोरा सिंह, किसान गांव थिराज।

खाद लेने के लिए 30 घंटे से ज्यादा वक्त गुजर गया है। सरकारी केंद्र के बाहर ही बैठे हैं। आज भी किसानों की भीड़ है। हर कोई आधार कार्ड पर दस कट्टे डीएपी लेना चाहता है। डीएपी के बिना गेहूं की फसल की पैदावार लेना संभव नहीं है। पहली बार महिलाएं भी डीएपी के लिए लाइन में देखने को हमें मिली हैं।
-बलविंदर सिंह , किसान गांव कर्मगढ़।


डीएपी की कोई कमी है और न ही भविष्य में रहने वाली है। किसानों से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और स्टॉक के चक्कर में न पड़े। गेहूं के सीजन में खाद पूरी मात्रा में मिलेगी।
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-सुखदेव कंबोज, उप निदेशक, कृषि विभाग
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