डस्टबिन से अपने अध्यापक को पीटने वाला कलियुगी शिष्य अरेस्ट होने के डर से उनके पैरों में गिर गया। माफी के साथ शर्त तय कर दी कि गुरुजी केस वापस लेंगे।
पहले गलती, फिर शर्त रखने वाले विद्यार्थी का नाम विद्यालय से काट दिया गया है। वहीं पुलिस का कहना है कि समझौता पंचायती स्तर पर हुआ है, नामजद आरोपियों को अरेस्ट किया जाएगा।
मामला गांव चौटाला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का है। बीती 6 फरवरी को 10वीं कक्षा के छात्र ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर पीजीटी सुभाष चंद्र पर हमला करके उनसे मारपीट की थी।
उस समय सुभाष क्लास ले रहे थे। उनका कसूर इतना था कि 5 फरवरी को वे एक खाली पीरियड के दौरान उपरोक्त क्लास को अंग्रेजी पढ़ाने गए थे।
लेकिन आरोपी छात्र उनसे दुर्व्यवहार पर उतर आया। बोला कि वह अंग्रेजी नहीं सामाजिक शास्त्र पढ़ेगा। विद्यालय इंचार्ज नरसी राम ने आरोपी को समझाया भी था।
नरसी राम की शिकायत पर चौटाला पुलिस ने आरोपी छात्र सहित 20-25 अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया था। सलाखों के पीछे जाने से डरा छात्र अपने परिजनों तथा गांव के मुअज्जिज लोगों को लेकर विद्यालय पहुंच गया। विद्यालय में पंचायत हुई। आरोपी शिक्षक के पैरों में गिरकर माफी मांगने लगा।
पंचायत में शर्त रखी कि संबंधित टीचर अपनी शिकायत वापस लेगा। इस मसले पर काफी देर तक पंचायत में बहस होती रही। पंचायत के कहने पर विद्यालय इंचार्ज ने शिकायत वापस लेने की बात स्वीकार की। विद्यार्थी के परिजनों की शर्त के समक्ष शर्त रख दी कि विद्यार्थी विद्यालय में दिखाई नहीं देगा।
उसका नाम काटा जाएगा। पंचायती समझौते के बाद सतनाम का विद्यालय से नाम काट दिया गया है। बुधवार को पंचायत सदस्य तथा स्कूल स्टाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने के लिए चौटाला पुलिस चौकी में पहुंचा।
पुलिस ने दो टूक लफ्जों में कहा कि यह संभव नहीं। मामला दर्ज हो चुका है। नामजद आरोपियों को पुलिस अरेस्ट करेगी। अदालत में समझौते के बाद ही जमानत हो सकती है।
टीचर से दुर्व्यवहार, फिर मारपीट करना गलत है। परिजनों के कहने पर ही छात्र के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसका नाम काटा गया है। पंचायत में विद्यार्थी ने सुभाष चंद्र से माफी मांग ली है। पंचायती तौर पर हुए समझौते के अनुरूप हम केस वापिस लेंगे।
-नरसी राम, विद्यालय इंचार्ज
दोनों पक्ष आज चौकी में आए थे। पंचायती तौर पर समझौते की बात करते हुए केस खारिज करने की मांग कर रहे थे। यह संभव नहीं है। नामजद आरोपियों को अरेस्ट करेंगे।
-राजपाल, जांच अधिकारी
टीचर से दुर्व्यवहार करने वाले विद्यार्थी का नाम काटा जा सकता है। ऐसे विद्यार्थियों के लिए यही सजा है। अध्यापक को गुरु का दर्जा प्राप्त है। गांव चौटाला में हुए मामले में विद्यालय इंचार्ज ने सही फैसला लिया है।
-बलजिंद्र सिंह भंगू, बीईओ, डबवाली