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फर्जी ग्राहक भेज स्वास्थ्य टीम ने महिला को एमटीपी किट सहित दबोचा

Wed, 20 Apr 2016 12:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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छापेमारी - फोटो : Bureau
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार की सुबह गांव दबड़ी में एक मकान में दबिश देकर एक महिला से एमटीपी किट व कुछ अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद किया है। टीम के साथ मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने आरोपी महिला पर विभिन्न धाराओं के तहत अभियोग दर्ज किया है। उक्त महिला काफी सालों से अपने घर पर ही महिला को गर्भपात में इस्तेमाल दवा दे रही थी। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार डिप्टी सीएमओ डॉ. वीरेश भूषण को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव दड़बी स्थित एक घर में महिलाओं को गर्भपात की दवा और यहीं पर उनका गर्भपात किया जाता है।
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कई सालों से पेशे से एएनएम एक महिला यह धंधा कर रही है। सूचना के आधार पर डॉक्टर वीरेश भूषण ने सहयोगी अधिकारी डॉ. राजकुमार, ड्रग इंस्पेक्टर संदीप कुमार के साथ मिलकर एक योजना बनाई। अधिकारियों ने एक फर्जी ग्राहक को तीन हजार रुपये देकर उक्त महिला के घर भेजा। महिला जब गर्भपात में इस्तेमाल होने वाली प्रतिबंधित एमटीपी किट निकाली तो ग्राहक ने अधिकारियों को मिस कॉल की। मिस कॉल आते ही डिप्टी सीएमओ ने अपनी टीम के साथ घर में छापेमारी कर दी। टीम ने घर में मौजूद दवाइयों को कब्जे में ले लिया। घर से काफी संख्या में एमटीपी किट और गर्भपात में इस्तेमाल होने वाले औजार मिले। इसके बाद अधिकारियों ने डिंग थाना पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिला को हिरासत में ले लिया। डिप्टी सीएमओ ने डॉ. वीरेश भूषण का कहना है कि पिछले कुछ माह में उन्होंने ने जिलेभर में अभियान चलाकर कई लोगों का पर्दाफाश किया जो एमटीपी किट और लिंग जांच का कार्य कर रहे थे। उन्होंने लोगों से अपील की है कि प्रतिबंधित दवाइयां, लिंग जांच करने वाले व गर्भपात करने जैसा कार्य में लिप्त लोगों ने की जानकारी विभाग को दें। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा और उन्हें ईनाम में मिलेगा।

शहर थाना में मंगलवार को हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। पुलिस ने आरटीआई एक्टिविस्ट को नशा बेचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। लेकिन आरोपी के समर्थन में लोगों का विरोध और धरना देख देर शाम को उसे छोड़ना पड़ा। आखिरकार देर शाम पुलिस के सामने सच निकलकर आया। पुलिस के अनुसार एक्टिविस्ट के चचेरे भाई ने यह सारी साजिश रची थी। मंगलवार की सुबह पुलिस ने मुखबिरी पाकर मीना बाजार में स्थित राम गोलियां वाली गली में छापामारी की। पुलिस ने आरटीआई एक्टिविस्ट बनारसी दास के घर से मेडिकल नशे में प्रयोग होने वाली 12 शीशी बरामद कर ली। मोहल्ला वाली माजरा समझते, पुलिस बनारसी को पकड़कर अपने साथ थाने में ले गई। थाना में साहब राम पुहाल, प्रेम कनवाड़िया, रॉकी के नेतृत्व में मोहल्लावासी जमा हो गए।
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उन्होंने आरटीआई एक्टिविस्ट के खिलाफ साजिश बताते हुए थाना प्रभारी से मुलाकात की। लोगों ने बताया कि बनारसी ने आरटीआई के जरिए सरकारी महकमों की कई करतूतों से पर्दा उठाया है। आरटीआई के एक मामले में बुधवार को उसकी सुनवाई सिरसा में होनी है। उसे प्रभावित करने के लिए यह चाल चली गई है। समर्थन में आए लोगों ने बताया कि बनारसी सुबह लोगों के कपड़े प्रेस करता है। रात को एटीएम पर ड्यूटी देता है। दो-तीन दिनों से उसका घर सूना है। ऐसे में कोई बाहरी व्यक्ति मकान में उपरोक्त नशा रख गया है। शहर थाना प्रभारी सुखदेव सिंह से निष्पक्ष जांच की मांग की। थाना प्रभारी ने कहा कि मुखबरी 20 शीशी की थी, 12 बरामद हुई हैं। शेष आठ शीशी कहां हैं। जिससे लोग भड़क गए। पुलिस ने सुनील उर्फ भूरिया नामक युवक को गिरफ्तार कर लिया। तब जाकर मामले का खुलासा हुआ कि यह सब साजिशन किया गया था। जिसके बाद देर शाम को हाई वोल्टेज ड्रामे का अंत हो गया। मामले की जांच कर रहे शहर थाना पुलिस के एएसआई राम सिंह ने बताया कि भूरिया ने स्वीकार किया है कि उसने ही बनारसी के घर पर नशे की शीशियां रखी थी। बुधवार को उसे अदालत में पेश किया जाएगा। बनारसी को छोड़ दिया गया है।


क्या है मामला
पुलिस हिरासत से रिहा होने के बाद बनारसी ने बताया कि कुछ दिन पूर्व वाल्मीकि चौक पर युवा नशा कर रहे थे। चौक की मर्यादा देखते हुए उसने उन्हें रोका था। उसी गैंग का सदस्य उसका चचेरा भाई भूरिया भी है। उससे रंजिश निकालने के लिए उसने घर पर मेडिकल नशा रखा।


पंजाब तथा राजस्थान की सीमा पर स्थित हरियाणा के अंतिम गांव जोतांवाली में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने स्थित एक केमिस्ट शॉप पर धड़ल्ले से नशा बिक रहा था। मंगलवार को एफडीए तथा सीआईए डबवाली ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नशे की दुकान का भंडाफोड़ कर दिया। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज करके केमिस्ट को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार जिला प्रशासन को खबर मिली थी कि गांव जोतांवाली में स्थित गुरुनानक मेडिकल स्टोर पर नशा बेचा जाता है। इस मुखबरी के आधार पर मंगलवार को डीसीओ सिरसा संदीप गहलान, सीआईए डबवाली के एसआई सुग्रीव सिंह तथा प्रहलाद जाखड़ पर आधारित एक टीम ने पीएचसी के सामने स्थित केमिस्ट शॉप पर छापा मारा। छापामारी के दौरान दराज में से नशे में प्रयोग की जाने वाली 272 गोलियां मिली। पुलिस ने केमिस्ट बलविंद्र सिंह निवासी जोतांवाली को काबू कर लिया। डीसीओ ने दुकान को सील कर दिया है। डीसीओ संदीप गहलान के अनुसार आगामी कार्रवाई के लिए रिपोर्ट को उच्च अधिकारियों के पास भेजा जाएगा। सीआईए डबवाली के सुग्रीव सिंह ने बताया कि बलविंद्र सिंह पर केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। बलविंद्र को नशे की सप्लाई कौन करता था, इसका पता लगाने के लिए पुलिस बुधवार को उसे अदालत में पेश करके रिमांड हासिल करने का प्रयास करेगी।
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