आग लगने से 15 एकड़ गेहूं की पकी फसल जलकर राख हो गई। सूचना मिलने पर दमकल कर्मियों ने आनन-फानन में आग पर काबू पाया और आबादी बठला कॉलोनी, मार्केंटिंग बोर्ड स्टाफ कॉलोनी, गांव गोबिंदपुरा की आबादी व सरकारी गोदाम को आग की चपेट में आने से बचा लिया। जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार अनाज मंडी के सामने मार्केटिंग बोर्ड के बड़े गोदाम के ठीक पीछे रविवार को दोपहर लगभग दो बजे पपेरजा परिवार के खेत में अचानक आग लग गई। चिंगारी उठते ही खेतों में काम कर रहे किसान और मजदूर भाग खड़े हुए। किसानों ने तुरत ही अग्निशमन केंद्र को सूचना दी। जब तक दमकल आई तब तक हवाओं ने आग के रुख को और भी बढ़ा दिया।
रानियां के खेत से शुरू हुई आग गांव गोबिंदपुरा के खेतों में जा पहुंची। पलभर में ही आग लगने की सूचना आस पास के इलाके में पहुंच गई। सैकेड़ों लोग भी आग बुझाने के कार्य में जुट गए। आग की लपटों को देखकर के यह लग रहा था कि अब कॉलोनियों में भी आग पकड़ लेगी। दर्जनों ट्रैक्टरों की मदद से ग्रामीणों ने खेत में हल चलाकर आग को आगे बढ़ने से रोक दिया, लेकिन तब तक गांव गोबिंदपुरा निवासी प्रीतम सिंह और किरपाल सिंह दो भाइयों की 12 एकड़ भूमि में गेहूं की पकी पकाई फसल जलकर राख हो चुकी थी। भुवनेश पपरेजा, बलदेव पपरेजा, कृष्ण पपरेजा व जीवन पपरेजा की चार एकड़ भूमि में भी गेहूं की फसल आग की चपेट में आ गई।
हालांकि आग लगने के कारण का पता नहीं चला है। आग अनाज मंडी के ठीक सामने मार्केटिंग बोर्ड के पीछे भूसे में लगी। जहां से आग की शुरुआत हुई वहां बिजली की तारें भी नहीं, हालांकि कुछ कदमों की दूरी पर बिजली की ढीली तारें भी है पर आग सरकारी दीवार के बिलकुल साथ से लगी। कयास लगाया जा रहा है पीछे गोदाम में किसी ने बीड़ी पी कर अवशेष अनजाने में खेत में फेंक दिए जिस कारण गेहूं के सूखे भूसे में आग पकड़ ली और इत्तेफाक से तेज हवा चलने के कारण आग भड़क उठी।