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कर्मचारी ही गोदाम से चोरी करते हैं सरकारी गेहूं

Fri, 03 Jun 2016 01:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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गेहूं चोरी - फोटो : Bureau
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गेहूं भंडार गृहों में घपलों का काला सच सामने आया है। गांव गोबिंदगढ़ स्थित गोदाम के पूर्व सिक्योरिटी गार्ड ने घपलों से जुड़ी वीडियो सार्वजनिक की हैं। जिसमें साफ नजर आ रहा है कि किस प्रकार भंडार गृह में जमा होने वाले गेहूं को लूटा जाता है। जिस गोदाम की वीडियो जारी की गई हैं, उसमें हर वर्ष करीब डेढ़ अरब रुपये का गेहूं स्टोर होता है। मामले की जांच के लिए सिक्योरिटी गार्ड ने सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज करवाई है।
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खरीद एजेंसियां एफसीआई के लिए गेहूं खरीद करती हैं। खरीदे गए गेहूं को गांव सांवतखेड़ा तथा गोबिंदगढ़ स्थित भंडार गृहों में लगाया जाता है। नोडल एजेंसी के तौर पर हैफेड इन्हें संभालती है। भंडार गृहों में लगाए जाने वाले गेहूं को निकालकर बाजार में बेचे जाने की बातें अक्सर उठती रहती हैं। गांव गोबिंदगढ़ स्थित गोदाम की जारी हुई वीडियो ने  महकमे में तहलका मचाकर रख दिया है। चूंकि गेहूं भंडारण की दृष्टि में यह सबसे बड़ा भंडार गृह है।

करीब 22 लाख बैग गेहूं इसमें रखी जाती है। गांव मसीतां निवासी जगदीश कुमार ने सीएम विंडो पर लगाई अपनी शिकायत में गोदाम के भीतर के कई राज खोले हैं। जगदीश के अनुसार करीब डेढ़ साल तक वह बतौर सिक्योरिटी गार्ड गोदाम पर तैनात रहा है। स्टोर कीपर तथा सिक्योरिटी गार्ड ने मिलकर कई बार गोबिंदगढ़ के गोदाम से गेहूं की बोरियों को बेचा है।
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अपनी शिकायत में उसने वाहनों तथा उसके नंबरों का जिक्र करते हुए साफ लिखा है कि करीब पांच माह पूर्व गेहूं की बोरियों को कर्मचारियों ने डबवाली में बेचा था। यहीं नहीं शिकायत में गांव चौटाला स्थित हैफेड के गोदाम का भी जिक्र है। शिकायतकर्ता के अनुसार उपरोक्त ने गांव चौटाला स्थित गोदाम में गेहूं की कमी को पूरा करने के लिए गेहूं का ट्रक वहां उतरवाया था। गेहूं गलत तरीके से गोबिंदगढ़ से उठाया गया।

शिकायतकर्ता ने गोदाम के भीतर हो रही घपलेबाजी की वीडियो बना ली। इसका पता स्टोर कीपर को चल गया। स्टोर कीपर ने उसे नौकरी से हटा दिया गया। 6 मार्च 2016 को गांव मसीतां के पूर्व सरपंच के पेट्रोल पंप पर स्टोर कीपर ने उसे नौकरी पर रखने का वादा करते हुए डीएम हैफेड, सिरसा के नाम एक अर्जी लिखवाई। जिसमें जगदीश ने लिखा है कि उसने वीडियो बनाई है।

वह अपने किए पर शर्मिंदा है। यह लिखते ही उसे पुन: नौकरी पर रख लिया गया। बाद में उसकी जगह बदलकर डबवाली स्थित खाद गोदाम में कर दी गई। करीब डेढ़ माह तक वह वहां सिक्योरिटी गार्ड रहा। खाद गोदाम में भी खाद एकत्रित करके बाहर बेची जाती थी। उस पर आरोप लगाया है कि वह काफी समय से गेहूं उठाकर मार्केट में बेच रहा है।

पांच वीडियो जारी की
शिकायतकर्ता जगदीश ने मामले से जुड़ीं वीडियो जारी की हैं। जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि गोदाम के भीतर कर्मचारी किस तरह परखी मारकर गेहूं निकाल रहे हैं। उनके बैग बनाए जा रहे हैं। एक वाहन में गेहूं लोड करते हुए दिखाया गया है। पूर्व सिक्योरिटी गार्ड के अनुसार वह उपरोक्त वीडियो जांच अधिकारी के समक्ष रखेगा। चूंकि आरोपियों की पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकें।

डीएम के नाम लिखवाया था पत्र
पूर्व सिक्योरिटी गार्ड से मार्च 2016 में डीएम हैफेड के नाम माफीनामा लिखवाकर नौकारी दी गई थी। जबकि डीएम सुरजीत बेनीवाल को मामले के बारे में ही नहीं पता। ऐसे में स्थानीय अधिकारियों की लापरवाही उजागर होती है।

गांव मसीतां निवासी जगदीश उर्फ जग्गी गोबिंदगढ़ में बतौर सिक्योरिटी गार्ड कार्यरत रहा है। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर एक षड़यंत्र के तहत वीडियो बनाई थी। पता चलने पर उसे तथा उसके साथियों को हटा दिया गया था। बाद में पुन: रखा गया। नवंबर 2015 में आखिरी बार गेहूं गोदाम से निकला था। उन पर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं।
-ख्याली राम, स्टोर कीपर, गेहूं भंडार गृह, गांव गोबिंदगढ़

मुझे मामले के बारे में नहीं पता। यदि ऐसी बात है तो जांच करवाई जाएगी। किसी भी दोषी को नहीं बख्शा जाएगा।
-सुरजीत बैनीवाल, डीएम, हैफेड, सिरसा

स्टोर में जमा है 11 लाख क्विंटल गेहूं
जिस गेहूं के गोदाम में हेराफेरी की बात सामने आई है। उसमें हर वर्ष करीब डेढ़ अरब रुपये का गेहूं स्टोर किया जाता है। इस वर्ष करीब 22 लाख बैग यानी 11 लाख क्विंटल गेहूं जमा है। जिसकी सरकारी कीमत करीब एक अरब 59 करोड़ 50 लाख रुपये  है। पूर्व सिक्योरिटी गार्ड के खुलासे के बाद हैफेड समेत भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) में हड़कंप मचा हुआ है। चूंकि गोदाम में जमा गेहूं एफसीआई का होता है।
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