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मासूम बेटे को गोद में उठा ट्रेन के आगे कूदा, दोनों की मौत

Sun, 24 Apr 2016 01:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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आत्महत्या - फोटो : Bureau
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पत्नी से चल रही अनबन से परेशान पति मासूम बेटे को गोद में उठाकर बठिंडा से डबवाली आ रही जम्मूतवी एक्सप्रेस के आगे कूद गया। शुक्रवार रात को डबवाली से करीब सात किलोमीटर दूर पंजाब के गांव डूमवाली-पथराला के मध्य हुए सनसनीखेज घटनाक्रम में पिता-पुत्र की मौत हो गई। देर रात पहुंची जीआरपी बठिंडा पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए बठिंडा के सरकारी अस्पताल में पहुंचाया।
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शुक्रवार रात को बठिंडा से डबवाली रेलवे स्टेशन पर पहुंची जम्मूतवी एक्सप्रेस के चालक ने मीमो दिया कि गांव डूमवाली के नजदीक एक व्यक्ति भागते हुए गाड़ी के आगे कूद गया। उसने बच्चे को उठाया हुआ था। सूचना पाकर डबवाली जन सहारा सेवा संस्था के अध्यक्ष आरके नीना मौका पर पहुंचे। रेल ट्रैक पर एक युवक का शव पड़ा था। ट्रैक के बाहर एक बच्चे का शव था जिसके हाथ में खिलौने थे।

मृतक की तलाशी के दौरान नेशनल हाई स्कूल, सांबा (जम्मू एंड कश्मीर) की फीस स्लिप बरामद हुई। जिसके आधार पर मृतक बच्चे की पहचान पांच वर्षीय मनजीत और उसके पिता की पहचान 35 वर्षीय सुरेंद्र कुमार निवासी सांबा के रूप में हुई। जीआरपी बठिंडा ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए बठिंडा के सरकारी अस्पताल में पहुंचाया।
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मृतक सुरेंद्र के भाई वीरेंद्र निवासी मंडी किलियांवाली (श्रीमुक्तसर साहिब) ने बताया कि वह अनाज मंडी में पल्लेदारी करता है। सुरेंद्र सांबा स्थित एक टाइल फैक्टरी में कार्यरत था। 18 अप्रैल 2016 की शाम को वह मनजीत के साथ उसके पास आया था। चार दिनों तक वह यही कहता रहा कि अब, मैं नहीं रहूंगा। कारण पूछने पर उसने अपनी पत्नी पूनम से विवाद होना बताया। 15 अप्रैल को पति-पत्नी में मारपीट भी हुई थी। जिसके बाद पूनम घर छोड़कर अपनी एक सहेली के पास चली गई। उसके बाद वापस नहीं आई थी। जिसके बाद सुरेंद्र उसके पास आ गया। 22 अप्रैल शाम को तीन बजे उसने वापस सांबा जाने के लिए उससे किराया मांगा। बाप-बेटे दोनों घर से चले गए। रात को सांबा से उसके पास कॉल आई कि दोनों की मौत हो गई है।

16 दिन पहले करवाया था बेटे का एडमिशन
मूल रूप से बिहार के जिला पूर्णिया के गांव कुकरा नंबर एक (थाना दमदाह) के रहने वाले सुरेंद्र ने अपने बेटे मनजीत का एडमिशन छह अप्रैल को ही करवाया था। शुक्रवार को अपने भाई के घर से रवाना होने के बाद उसे ढेर सारे खिलौने दिलाए थे। डबवाली जन सहारा सेवा संस्था के अध्यक्ष आरके नीना ने बताया कि सुरेंद्र की जेब से महज 420 रुपये बरामद हुए। जबकि वह अपने भाई के घर से एक हजार रुपये  लेकर निकला था। संभव है कि उसने मनजीत को खिलौने दिलाए। चूंकि मृतक बच्चे के हाथ में खिलौने थे।

छह माह पहले शिफ्ट हुआ था
वीरेंद्र के अनुसार सुरेंद्र छह माह पहले ही सांबा में शिफ्ट हुआ था। इससे पहले वह सिरसा के गांव बप्पां में एक जमींदार के पास कार्य करता था। वहां उसने करीब आठ साल गुजारे थे।

मेरे भाई के दो बेटे थे। करीब एक साल पहले छोटे बेटे रणजीत की मौत हो गई थी। मेरा भाई नशा करने का आदी था। इसके चलते ही पति-पत्नी में अक्सर क्लेश रहता था। नौबत मारपीट तक जा पहुंची थी। घरेलू कलह से तंग आकर उसके भाई सुरेंद्र ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
-वीरेंद्र कुमार (मृतक सुरेंद्र का सगा भाई)

जम्मूतवी एक्सप्रेस के चालक ने मीमो दिया है कि गांव डूमवाली के नजदीक एक व्यक्ति गोद में बच्चा उठाकर भागते हुए आया और रेलगाड़ी के आगे कूद गया। जिससे दोनों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान सुरेंद्र तथा उसके बेटे मनजीत के रूप में हुई है। दोनों सांबा के रहने वाले थे। मूल रूप से बिहार से संबंधित थे। दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल में रखे गए हैं। परिजनों के ब्यानों के बाद रविवार को पोस्टमार्टम होगा।
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-निरपाल सिंह, जांच अधिकारी, जीआरपी, बठिंडा
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