हिसार रोड गली स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्थित ज्याणी अस्पताल के संचालक डॉक्टर भूपेंद्र मोहन ज्याणी धोखाधड़ी करने के मामले में फंस चुके हैं। एसीजेएम कोर्ट के आदेश पर डॉक्टर ज्याणी के खिलाफ सदर पुलिस ने केस दर्ज किया है। इस मामले में शिकायतकर्ता नेजाडेला कला निवासी भूपेंद्र सिंह ने सदर पुलिस के खिलाफ सीएम विंडो में भी शिकायत दी है। शिकायत में उसने कहा है कि सदर थाना पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर रही। पीड़ित ने गुहार लगाई है कि जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच बैठाई जाए और करोड़ों की ठगी को अंजाम देने वाले डॉक्टर भूपेंद्र मोहन ज्याणी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
जानकारी के अनुसार गांव नेजाडेला कलां निवासी भूपेंद्र सिंह ने एसीजेएम पवन कुमार की कोर्ट में दर्ज करवाई याचिका में अदालत को बताया कि उसने व उसके भाई हरविन्द्र सिंह ने हिसार रोड स्थित ज्याणी अस्पताल के डॉक्टर भूपेंद्र मोहन ज्याणी से नेजाडेला कलां क्षेत्र में भूमि खरीदी थी। भूमि की रजिस्ट्री 18 मई 2005 को करवाई गई। डॉक्टर ज्याणी ने भूमि की सारी रकम रजिस्ट्री के दिन वसूल कर ली। कुछ दिन बाद भूपेंद्र सिंह व उसका भाई हरविंद्र सिंह रजिस्ट्रार दफ्तर में पटवारी के पास खरीदी भूमि का इंतकाल करवाने गए तो उन्हें पता चला कि डॉक्टर ज्याणी ने यह भूमि नेजाडेला कलां निवासी नछत्र सिंह की पत्नी सरदारों देवी व वैदवाला निवासी सतनाम सिंह की पत्नी सुदेश रानी को भी बेच दी है और भूमि का इंतकाल भी सरदरों व सुदेश रानी के नाम हो चुका है।
भूमि के कागजात देखे तो पता चला कि फर्जी कागजात तैयार करके डॉक्टर ज्याणी व खरीददार नछत्र सिंह, सरदारों बाई व सुदेश रानी ने भूमि का सौदा व इंतकाल करवाया है। धोखाधड़ी का पता चलने पर भूपेंद्र सिंह डॉक्टर ज्याणी के पास गया तो उसने उसे धमकी दी। इसके बाद धोखाधड़ी का शिकार भूपेंद्र सिंह ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। एसीजेएम पवन कुमार की अदालत ने उसकी याचिका पर सुनवाई करते हुए सदर पुलिस को आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया। पुलिस ने डॉक्टर ज्याणी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।