उपचार के दौरान लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों पर उपभोक्ता फोरम का डंडा तेजी से चलने लगा है। फोरम ने डॉक्टर की लापरवाही के चलते महिला रोगी की मौत के मामले में सिरसा के मित्तल अस्पताल के डॉक्टर नरेश मित्तल को लापरवाही का दोषी करार देते हुए साढ़े पांच लाख रुपये जुर्माना ठोका है।
मृतका के परिजनों को यह राशि नौ प्रतिशत ब्याज सहित एक महीने में देनी होगी। फोरम ने आदेश में कहा है कि रोगी की जान से खेलने वाले इस प्रकार के लापरवाह डॉक्टर पर पुलिस को आपराधिक केस दर्ज करना चाहिए। आदेशों के बाद पीड़ित परिवार शहर थाने में डॉक्टर नरेश मित्तल के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाएगा।
जानकारी के अनुसार रेलवे कॉलोनी निवासी सुमन रानी को 11 दिसंबर 2013 के दिन बुखार हुआ। परिवार वाले उसे हाथी पार्क के सामने स्थित मित्तल अस्पताल में ले आए। अस्पताल के डॉक्टर नरेश मित्तल ने सुमन का उपचार शुरू किया। आरोप है कि डॉक्टर ने बुखार के कारणों की जांच करने की जगह महिला को कई दिनों तक अस्पताल में दाखिल रखा।
परिजनों ने सुमन के रक्त की जांच प्राइवेट अस्पताल में करवाई तो पता चला कि उसके प्लेटलेट्स लगातार गिर रहे है। डॉक्टर नरेश मित्तल ने रिपोर्ट को गलत ठहरा दिया और सामान्य उपचार देते रहे। एक जनवरी 2014 को सुमन की हालत गंभीर हो गई।
मामला अपने हाथ से निकलता देख डॉक्टर ने रात दस बजे सुमन को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। परिवार वाले उसे गंभीर हालत में हिसार के जिंदल अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत देखकर हाथ खड़े कर दिए। परिवार वाले सुमन को
हिसार के सुखदा अस्पताल ले गए। जहां दो जनवरी को उसकी मौत हो गई। हिसार के डॉक्टर ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि जिस डॉक्टर ने उपचार शुरू किया उसने काफी लापरवाही बरती, जो सुमन की मौत का करण बनी। मृतका के पति रणबीर सिंह ने जून 2014 को उपभोक्ता अदालत में डॉक्टर नरेश मित्तल के खिलाफ याचिका दायर की। मामले का निपटारा करते हुए अदालत ने डॉक्टर नरेश मित्तल को लापरवाही का दोषी करार देकर साढ़े पांच लाख रुपये जुर्माना ठोका है।
नौ प्रतिशत ब्याज सहित यह राशि पीड़ित परिवार को देनी होगी। साथी ही फोरम ने आदेश में कहा है कि इस दोषी डॉक्टर के खिलाफ आपराधिक मामला भी बनता है। अब पीड़ित परिवार शहर थाने में डॉक्टर नरेश मित्तल के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाएगा।