शनिवार को बेसहारा घूम रहे पशुओं को लेकर ओढां थाना क्षेत्र के चार गांवों के लोग आमने-सामने हो गए। इस मामले को लेकर थाना में करीब साढ़े तीन घंटे तक बहसबाजी चलती रही। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए दंगारोधी वाहन व अतिरिक्त पुलिस बल थाने में तैनात किए गए थे। डीएसपी हेड क्वार्टर विजय कक्कड़ व तीन थाना प्रभारियों ने तीन घंटे तक समझौते के लिए खूब मशक्कत की और पसीना बहाया।
दरअसल मामला ये था कि गांव चोरमार, जंडवाला जाटान व सालमखेड़ा के लोगों ने फसलों को गोवंश से बचाने के लिए घुड़सवार रखे हुए हैं। जानकारी के अनुसार शुक्रवार की शाम एक घुड़सवार तीन अन्य लोग गोवंश को सालमखेड़ा ईंट भट्ठे के निकट छोड़ने ला रहे थे। सूचना पाते ही ओढां के पूर्व सरपंच पलविंद्र चहल व कुछ अन्य लोग मौके पर पहुंच गए जहां उन्होंने एक व्यक्ति को पकड़ लिया और उसकी धुनाई कर दी, जिससे उसे चोटें आई हैं। जबकि उसके अन्य साथी फरार हो गए। जिसके बाद उक्त व्यक्ति को ओढां के लोग गोशाला में ले आए। उधर सूचना पाते ही चोरमार, जंडवाला व सालमखेड़ा तीन गांवों के सरपंच व अन्य लोग गोशाला में पहुंचे। जंडवाला के सरपंच प्रतिनिधि जगसीर सिंह आदि का आरोप था कि इस दौरान पूर्व सरपंच पलविंद्र चहल व अन्य ने उनकी न सुनते हुए अभद्र व्यवहार किया।
अस्पताल में बवाल
इस मारपीट में घायल हुए घुड़सवार चिरंजी लाल को ओढां के लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ले गए, जहां कुछ समय बाद तीन गांवों के लोग कई गाड़ियों में भरकर अस्पताल में आ धमके और वहां जमकर हंगामा हुआ। बताया जा रहा है कि इस दौरान दोनों पक्षों में हाथापाई व थप्पड़ मुक्के भी चले। मामला बढ़ता देख अस्पताल स्टाफ ने थाने में सूचना दी, जिसके बाद ओढां व कालांवाली पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंच कर स्थिति पर नियंत्रण पाया। प्राथमिक उपचार के बाद घायल चिरंजी लाल को सिरसा रेफर कर दिया गया।
थाने में बवाल
इस मामले को लेकर शनिवार सुबह ओढां, चोरमार, सालमखेड़ा व जंडवाला की पंचायतें व बड़ी संख्या मेें लोग थाने में पहुंचे जहां तीन गांवों के लोगों ने ओढां के लोगों पर उनके खेतों के रखवाले घुड़सवार के साथ मारपीट करने के आरोप में मुकदमा दर्ज करने की मांग की। मामला बिगड़ने की स्थिति को भांपते हुए दंगारोधी वाहन व अतिरिक्त पुलिस बल थाने में पहले से ही तैनात कर दी गई। थाना प्रभारी दले राम महला ने दोनों पक्षों को समझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन लोगों ने बवाल जारी रखते हुए एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप करते हुए हंगामा जारी रखा। इस दौरान हाथापाई तक की नौबत आ गई थी लेकिन पुलिस ने बीच बचाव कर दिया। वहीं सूचना पाकर कालांवाली व सदर डबवाली थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास शुरू किया तो वहीं कुछ समय बाद डीएसपी हैड क्वार्टर विजय कक्कड़ ने भी मौके पर पहुंच कर दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की।
बंद कमरे में चली घंटों जद्दोजहद
पुलिस ने चारों गांवों की पंचायतों व मौजिज व्यक्तियों को अंदर बुलाकर अन्य भीड़ को बाहर कर दिया। जहां बंद कमरे में करीब तीन घंटे तक आरोप-प्रत्यारोप चलते रहे। इस पूरे मामले में कालांवाली थाना प्रभारी धर्मवीर सिंह ने सराहनीय भूमिका निभाते हुए दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन बात अनेकों बार समझौते पर आकर बिगड़ती रही। करीब साढ़े तीन घंटे में जाकर बात सिरे चढ़ी। हालांकि इस दौरान स्थिति काफी गंभीर हो गई थी, लेकिन कालांवाली थाना प्रभारी धर्मवीर सिंह ने सूझबूझ का परिचय देते हुए दोनों पक्षों का राजीनामा करवाने में सफलता हासिल की।
पाइपलाइन काटी
घुड़सवार की पिटाई को लेकर चारों गांवों के लोग आमने-सामने होने के बाद सालमखेड़ा के कुछ लोगों ने ओढां के कुछ लोगों की खेतों में से जा रही ट्यूबवेल सप्लाई पाइप क्षतिग्रस्त कर दी। जिसके बाद स्थिति और गहरा गई क्योंकि ओढां के खेतों से भी सालमखेड़ा के भी सप्लाई पाइप गुजरती है जिसे ओढां के लोगों ने भी काटने की चेतावनी दे डाली।
ये हुआ फैसला
ओढां के पूर्व सरपंच भूप मल्हान व पलविंद्र चहल आदि ने घुड़सवार की पिटाई पर क्षमा मांगते हुए उसके उपचार का खर्च वहन करने की बात कही तो वहीं दूसरे पक्ष के लोगों ने भी उन्हें आश्वस्त किया कि वे गोवंश को ओढां की तरफ नहीं छोड़ेंगे तथा जो पाइपलाइन काटी गई है उसे दुरुस्त करवा दिया जाएगा जिसके बाद मामला शांत हुआ।
गोवंश छोड़ने को लेकर विवाद हुआ था जिसमें दोनों पक्षों का समझौता करवा दिया गया है, ताकि चारों गांवों का आपसी भाईचारा बना रहे।
दले राम महला, एसएचओ ओढां