बड़ागुढ़ा खंड के गांव रंगा के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में चाइल्डस सरवाईवल इंडिया संस्था की ओर से शनिवार को आयोजित बाल अधिकार कार्यक्रम जागरूकता की बजाय एक बच्चे के लिए जीवन भर का अंधकार दे गया। राजकीय माध्यमिक विद्यालय में बाल अधिकार कार्यक्रम का आयोजन होना था, जिसके लिए स्कूल में टेंट लगाया जा रहा था। कुछ लोगों द्वारा टेंट लगाते समय जैसे ही हथौड़े से लोहे के सूब्बे पर वार किया तो सूब्बे से लोहे का कचरा उछलकर आठवीं के छात्र कुलदीप सिंह की आंख में जा लगा, जिसे छात्र घायल होकर मौके पर ही गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही छात्र स्कूल में हड़कंप मच गया। घटना के बाद विद्यालय स्टॉफ ने आनन फानन में छात्र को परिजनों को सूचना देकर मौके पर बुलाया जिसके बाद परिजन छात्र को घर ले गए जहां से उसे सिरसा के निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां आंख कि स्थिति ज्यादा खराब होने के कारण छात्र को सिरसा से बठिंडा रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि एक आपरेशन के बाद छात्र की आंख से लोहे का कचरा तो निकाल दिया गया लेकिन छात्र आंख की रोशनी खत्म हो गई। उधर इस मामले में छात्र के पिता जगसीर सिंह ने विद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाया कि स्कूल में बच्चों से अक्सर काम करवाया जाता है। इसी लापरवाही के चलते उनके बच्चे की आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई। वहीं विद्यालय प्रशासन ने इसे एक इतेफाकिया घटना करार दिया है।
इस घटना के में भले ही विद्यालय प्रशासन व बाल अधिकार कार्यक्रम संस्था के सदस्य इसे इतेफाकिया घटना करार दे रहे है लेकिन सवाल यह उठता है कि एक तरफ विभाग बच्चों से कार्य करवाने न के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करवाता है तो वहीं दूसरी तरफ कार्यक्रमों में बच्चों से ही कार्य करवाया जाता हैै। इस मामले में गलती चाहे किसी कि भी हो लेकिन ये हादसा एक बच्चे की जिंदगी में अंधेरा भर गया। हालांकि विद्यालय प्रशासन का तर्क है कि टैंट बच्चे नहीं अन्य लोग लगा रहे थे।
स्कूल में बाल अधिकार पर आयोजित कार्यक्रम हेतु टेंट लगाया जा रहा था। कुछ लोगों टैंट लगाते समय लोहे के सुब्बे पर हथौड़े की चोट से लोहे का कचरा दूर खड़े बच्चे की आंख में जा लगा। मुझे अफसोस है कि छात्र कि आंख की रोशनी चली गई यह एक हादसा था, इसमें स्टाफ की कोई गलती नहीं है।
- राजू राम, मुख्याध्यापक रंगा।
मुझे फोन पर जानकारी मिली थी जिस पर मैंने मुख्य अध्यापक से घटना बारे जानकारी ली थी। में इस बारे पुन: पता करवाऊंगा
पवन सुथार, बीईओ
क्लस्टर कोआर्डिनेटर ने झाड़ा पल्ला :
हां कार्यक्रम तो आयोजित हुआ था लेकिन उसमें ऐसी घटना की उसे कोई जानकारी नहीं हुई। इस बारे में मुझे नहीं पता आप हमारे सिरसा ऑफिस में बात करें वहीं बता सकते है।
- कुलदीप सिंह, क्लस्टर कोऑर्डिनेटर बाल अधिकार कार्यक्रम