पति की हत्या करके शव कुएं में फेंकने वाली पत्नी, पुत्री व पुत्र को जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोषी करार दिया है। अदालत दोषियों को आज सजा सुनाएगी। गांव ओढां में वर्ष 2015 में हुए इस बहु चिर्चित सोहन सिंह हत्याकांड ने जिलेभर में सनसनी फैला दी थी। हरकोई शख्स हत्यारों की सजा जानने को बेकरार है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिमलेश तंवर आज दोपहर को सजा का ऐलान करेंगी।
मामले के अनुसार गांव ओढां निवासी सोहन लाल खेतीबाड़ी करता था। उसे शराब पीने की लत थी और इस वजह से उसका अपनी पत्नी बिमला देवी के साथ हर रोज विवाद होता था। रोज रोज के झगड़े से पुत्र भूप उर्फ चरणजीत सिंह व पुत्री अनीता भी परेशान हो गए। पत्नी बिमला ने दोनों बच्चों के साथ मिलकर सोहन लाल को मारने की साजिश रची। 14 जून 2015 की रात को सोहन लाल शराब पीकर घर आया। पत्नी बिमला के साथ उसका फिर से झगड़ा हो गया। इसके बाद पत्नी ने पुत्र-पुत्री के संग मिलकर सोहन लाल के साथ मारपीट शुरू कर दी। तीनों ने उस पर लातों और मुक्कों से बरसात करके उसे मार डाला। हत्या का राज छुपाने के लिए तीनों ने सोहन लाल का शव कुएं में फेंक दिया। कई दिनों तक सोहन लाल गांव में नहीं दिखा तो चर्चा शुरू हो गई। परिवार वालों ने लोगों से कहा कि सोहन लाल घर पर कहकर गया था कि काम के सिलसिले में बाहर जा रहा हूं। लोगों ने पत्नी बिमला की बात मान ली। फिर कुछ दिन बाद कुएं से बदबू आने लगी। ग्रामीणों ने संदेह के आधार पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कुई की गहराई तक खुदाई करवाई तो अंदर सोहन लाल का शव पड़ा मिला। शव बुरी स्थिति में था। पुलिस ने पत्नी बिमला से सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि पुत्र भूप सिंह उर्फ चरणजीत व पुत्री अनीता भी हत्याकांड में सहयोगी रहे हैं। सोहन लाल ने अपनी शराब की लत के कारण पूरे परिवार को परेशान कर रखा था। इसलिए उसे मारना पड़ा। पुलिस ने पत्नी बिमला, पुत्र अनीता व पुत्र भूप उर्फ चरणजीत के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया। 16 महीने तक जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिमलेश तंवर की अदालत में चले इस हत्याकांड मामले का निपटारा करते हुए गत दिवस न्यायालय ने पत्नी बिमला, पुत्र अनीता व पुत्र भूप उर्फ चरणजीत को सोहन सिंह की हत्या का दोषी करार देकर सजा का फैसला सोमवार तक सुरक्षित कर लिया था।