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सरसाई नगरी में नशे की गिरफ्त में फंसते जा रहे हैं युवा

Mon, 19 Sep 2016 12:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
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संतों की नगरी सिरसा में भी युवा नशे की गिरफ्त में फंसते जा रहे हैं। तंबाकू, सिगरेट, गुटखा व शराब का चलन तो काफी समय से बढ़ रहा था, लेकिन अब जानलेवा ड्रग्स हेरोइन 'चिट्टा युवा वर्ग में तेजी से फैल रहा है। पंजाब के रास्ते सिरसा में बड़े पैमाने पर हेरोइन की तस्करी हो रही है। पंजाब की भांति सिरसा में भी हेरोइन को चिट्टा के नाम से पुकारा जाता है। इसका सेवन इतना खतरनाक है कि लगातार एक सप्ताह तक इसका सेवन करने वाला इसका गुलाम होकर रह जाता है। जिले में हेरोइन की तस्करी व खपत को देखकर पुलिस भी हैरान है। पिछले छह महीने में इसका नशा बहुत तेजी से फैला है। इसी का परिणाम है कि रानियां, कालांवाली, रोड़ी व मंडी डबवाली क्षेत्र हेरोइन तस्करी का गढ़ बन चुके हैं। सिरसा शहर में भी बड़ी तेजी से इसकी गिरफ्त में आता जा रहा है। हालात यह हो चुके हैं कि शहर के कुछ होटलों में भी हेरोइन युवाओं को बेची जाती है। सीआईए पुलिस ने पुरानी कचहरी रोड स्थिति होटल में दबिश देकर होटल मालिक को हेरोइन सहित रंगे हाथों काबू कर चुकी। जिला पुलिस विभिन्न स्थानों से तस्करों के कब्जे से अब तक करीब आधा किलो हेरोइन बरामद चुकी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक ग्राम हेरोइन की कीमत चार हजार रुपये है। यानी कि 20 लाख रुपये से अधिक कीमत की हेरोइन जब्त की जा चुकी है। जिस हिसाब से तस्करी हो रही है, उस हिसाब से पुलिस की ये सफलता बहुत कम है। जिले में हेरोइन तस्करी बढने का एक कारण यह भी है कि पुलिस विभाग के कुछ कर्मियों के ड्रग माफिया से संपर्क में थे। हाल ही में ही फतेहाबाद  में हेरोइन तस्करों से डील के मामले में सिरसा के चार पुलिस कर्मचारियों का नाम आया। चारों के खिलाफ फतेहाबाद पुलिस ने केस दर्ज किया तो सिरसा पुलिस अधीक्षक ने उक्त कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया।
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दो राज्यों की सीमा से सटा है सिरसा
सिरसा जिला पंजाब व राजस्थान सीमा से सटा हुआ है। जिले का कालांवाली व डबवाली विधानसभा क्षेत्र पंजाब सीमा से लगाता है और ऐलनाबाद, चौपटा व रानियां क्षेत्र राजस्थान सीमा से सटा है। यहां से अफीम, चूरापोस्त व शराब की तस्करी कई दशकों से होती आ रही है। खास बात यह है कि पंजाब में जिस भी ड्रग का प्रचलन बढ़ा, उसी ड्रग की चपेत में सिरसा जिला तेजी से आता गया। चाहे वो मेडिकल नशा हो या स्मैक। सबसे ज्यादा खराब हालत डबवाली, कालांवाली व रानियां विधान सभा क्षेत्र की है। डबवाली व कालांवाली क्षेत्र तो ड्रग कारोबार के अड्डे बन गए हैं। समय रहते नकेल नहीं कसी गई तो नशे के गिरफ्त में आने वाले युवाओं की संख्या कई गुना बढ़ जाएगी।

50 किलो अफीम, 2000  किलो चूरा पोस्त जब्त
नशा कारोबारियों के खिलाफ जिला पुलिस के विशेष अभियान में पिछले वर्ष से लेकर आज तक 50 किलोग्राम से ज्यादा अफीम व 2000 किलोग्राम चूरा पोस्त जब्त किया जा चुका है। पुलिस ने मादक पदार्थ अधिनियम के तहत करीब 500 मामले दर्ज किए। तस्करों से पुलिस ने 160 ग्राम स्मैक, 530 ग्राम हेरोइन व 70 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। इसके अलावा करीब 800 लोगों पर शराब तस्करी का केस दर्ज किया और 25 हजार देसी शराब व  साढ़े छह हजार अंग्रेजी शराब की बोतलें बरामद की हैं।
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पुलिस ने स्पेशल अभियान चला रखा है
मादक पदार्थ व शराब की तस्करी के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए पुलिस जी-जान से जुटी हुई है। काफी संख्या में तस्करों को रंगे हाथों दबोचा गया है। इसके लिए पुलिस ने स्पेशल ऑपरेशन चला रखा है। तस्करों से पूछताछ कर इसके मुख्य सप्लायरों का पता लगाया जा रहा है। काफी हद तक इसके सार्थक परिणाम आने शुरू हुए है और जल्द ही पुलिस नशे बड़े सौदागरों तक पहुंच जाएगी। लोगों को जागरूक करने के लिए गांव-गांव जाकर नशे के बुरे परिणाम दर्शाती फिल्म दिखाई जा रही है।
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सुरजीत सहारण, जिला पुलिस प्रवक्ता।
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