सिरसा गन हाउस में दिनदहाड़े धावा बोलकर बंदूकें लूटकर फरार हुए लुटेरों में से एक को पुलिस ने दिल्ली से धर दबोचा है। सिरसा पुलिस शुरू में लुटेरों की पहचान करने में गुमराह हो गई थी और जींद के गैंग को अपने टारगेट पर लेते हुए दूसरे गैंगस्टर की तलाश में जुटी रही।
गत दिनों सोनीपत पुलिस ने एक गैंग को दबोचा, जिसके बदमाश से पता चला कि सिरसा गन हाउस की वारदात को दिल्ली के अक्षय गैंग ने अंजाम दिया था। सोनीपत पुलिस ने सिरसा पुलिस से यह सूचना साझा की तो सीआईए और एटीएस टीम सचेत हो गए।
स्पेशल टीम ने नई दिल्ली के पीतमपुरा इलाके में पहुंची और वारदात में शामिल दिल्ली निवासी अमन को दबोच लिया। बुधवार को उसे सिरसा लाया गया। अमन से कड़ी पूछताछ में गैंग के बारे में कई अहम जानकारी मिली। इस गैंग का लीडर दिल्ली निवासी अक्षय कुमार है। गैंग में दिल्ली के नांगलोई क्षेत्र निवासी शुभम, कुलदीप, अमित, पीतमपुरा निवासी अमन शामिल थे। पुलिस ने गन हाउस से लूटी गई पांच बंदूकों में से एक बंदूक बरामद कर ली। वीरवार सुबह पुलिस बदमाश अमन को अदालत में पेश करेगी। अदालत से पुलिस अमन का पांच दिन का रिमांड मांगेगी।
डेरा के दर्शन करने आए थे, फिर दिया वारदात को अंजाम
पूछताछ में बदमाश अमन ने बताया कि 18 नवंबर को दिल्ली से उन्होंने हथियार के बल पर एक कार लूटी। पुलिस से बचने के लिए दिल्ली से दूर कोई सेफ जगह जाना चाहते थे। गैंग में शामिल शुभम ने बोला कि सिरसा चलते हैं।
हममें से केवल शुभम ही सिरसा आया हुआ था। उसने कहा कि सिरसा में वह डेरा सच्चा सौदा में दर्शन करने जाता है। इसके बाद वे कार में सवार होकर सिरसा आए। 19 नवंबर को सिरसा पहुंचकर पहले डेरा सच्चा सौदा में जाकर दर्शन किए, फिर शहर में घूमने निकल पड़े। इसी बीच शुभम को गन हाउस दिखाई दिया।
गैंग के पास बेहतर असलाह नहीं था, इसलिए गन हाउस लूटने की साजिश रची। 20 नवंबर की रात सिरसा के एक होटल में रुके और अगले दिन अक्षय ग्राहक बनकर गन हाउस में गया। इससे पता चल गया कि गन हाउस में सुरक्षा के कोई ठोस प्रबंध नहीं और वारदात को अंजाम आसानी से दिया जा सकता है। गन हाउस पर सभी नजर रख रहे थे, गन हाउस में जब एक लड़का बचा, तभी धावा बोलकर चंद मिनट में जो भी असलाह सामने दिखा लूट लिया।
राजस्थान से पंजाब और फिर दिल्ली पहुंचे
वारदात को अंजाम देने के बाद पांचों बदमाश राजस्थान सीमा में दाखिल हो गए थे। इसके बाद ये हनुमानगढ़ पहुंचे, यहां से संगरियां और फिर पंजाब में घुस गए। कहीं पर भी पुलिस चेकिंग नहीं थी। बठिंडा से लुधियाना, पटियाला से हरियाणा के पानीपत से दिल्ली में पहुंच गए। गैंग लीडर अक्षय, अमन, शुभम, अमित, कुलदीप पर दिल्ली में हत्या, जानलेवा हमला, लूट, छीना-झपटी आदि के केस दर्ज हैं। हरियाणा में अभी तक इस गैंग ने सिरसा में पहली बड़ी वारदात को अंजाम दिया। अमन अपने कुछ अन्य साथियों के साथ सोनीपत में वारदात को अंजाम दे चुका है।
शादी में नाचते हुए चलाईं गोलियां
वारदात के बाद पुलिस के लिए चिंता का विषय यह था कि लुटेरे लूटी गईं बंदूकों के बल पर कोई बड़ी वारदात को अंजाम न दे दें। अमन ने पूछताछ में बताया कि बंदूकें लूटकर बिना किसी दिक्कत के दिल्ली में दाखिल होने के बाद सभी खुश थे।
कई प्लान बना रहे थे। इसी बीच एक दोस्त की शादी थी। पूरा गैंग दोस्त की शादी समारोह में शामिल होने चला गया, जहां 12 बोर के 15 कारतूस नजफगढ़ के एक साथी ने लाकर दिए। शादी में नाचकर लूटी गई बंदूकों से हवा में गोलियां चलाईं। पुलिस को अमन से लूटी गई एक गन मिल चुकी है, बाकी चार बंदूकें उसके साथियों के पास हैं।
जल्द गिरफ्त में होंगे बाकी बदमाश
गिरफ्त में आए अमन से वारदात के संबंध में काफी अहम जानकारी मिली है। असल में यह गैंग दिल्ली में सक्रिय है, शुभम के अलावा अन्य चारों में से कोई भी सिरसा पहले नहीं आया। शुभम डेरा सच्चा सौदा में आता था। सेफ जगह के चक्कर में दिल्ली से सिरसा पहुंचे और फिर वारदात को अंजाम दिया।
शुरू में गन हाउस के कारिंदे ने गलत अपराधियों की पहचान कर ली थी। वारदात में शामिल सभी बदमाशों पर दिल्ली में मर्डर सहित कई आपराधिक केस दर्ज हैं। अमन से से कड़ी पूछताछ जारी है। जल्द ही वारदात को अंजाम देने वाले अन्य बदमाश भी गिरफ्त में होंगे।
शैलेंद्र कुमार, जांच अधिकारी एवं चौकी प्रभारी कीर्ति नगर