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जाते वक्त ध्यान आया कि छोटी बेटी का ख्याल कौन रखेगा, बस उसे भी मार दिया चाकू

Sun, 19 Jun 2016 01:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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knife - फोटो : Demo
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जिलेभर में हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिरकार एक पुलिस वाला किस कारण हैवान बन गया और क्यों अपनी पत्नी व दो मासूम बेटियों को चाकू मार दिया। इस वारदात को अंजाम देने के पीछे कोई बड़ा कारण नहीं था, बस एक बात जिसने हवलदार अनिल को इतना क्रोध दिला दिया कि वह खुद पर काबू नहीं पा सका।
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अनिल ने बताया कि वीरवार रात को जब वह घर आया तो उसने पत्नी संतोष से कहा कि रोटी डाल दे। पत्नी ने जवाब दिया कि बाहर से क्यों नहीं खाकर आया रोटी, उसने कहा आदमी शादी क्यों करता है? दोनों में बहस हुई, पत्नी की बात से उसे इतना गुस्सा आ गया कि उसने रसोई में पड़ा चाकू उठाया और सीधा उस पर चार वार किए।

इसके बाद छोटी लोहे की पाइप उठाई और सिर में दे मारी। संतोष नीचे गिर पड़ी तो उसे लगा कि ये मर चुकी है। इतने में उसका नजर बड़ी बेटी तनु पर पड़ी, तनु ने उसे उसकी मम्मी को मारते हुए देख लिया था। सबूत मिटाने के लिए उसने चाकू से सीधा उसकी गर्दन पर वार कर दिया।
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पूछताछ के दौरान कबूल नामे में आरोपी अनिल ने बताया कि पत्नी संतोष व बेटी तनु को मारकर जब वह जाने लगा तो छोटी बेटी प्रेरणा के भविष्य की चिंता उसे सताने लगी। उसे लगा कि अब इसे पालेगा कौन? इसकी कारण दिल पर पत्थर रखकर छोटी बेटी को भी चाकू मार दिया।

तीनों को मरा हुआ समझकर उसने बाहर से गेट बंद किया और भागकर अपने गांव मां के पास चला गया। बाद में उसे पुलिस ने बताया कि उसकी पत्नी व बेटियां जिंदा हैं। शनिवार जब उसे पता चला कि उसकी बड़ी बेटी तनु की मौत हो चुकी है तो उसकी आंखों में आंसू आ गए।
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उसने कहा कि सब कुछ बर्बाद हो गया, पत्नी उसे समझने को तैयार नहीं थी और वह भी उसकी एक बात सुन नहीं सका। थोड़ी देर के क्रोध ने क्या-क्या करवा दिया।
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