हिसार रोड पर स्थित ओम सिने गार्डन (ओएचएम) सिनेमा कैंपस में बने रेस्टोरेंट, गेम जोन, मल्टीप्लैक्स सिनेमा और रिसोर्ट का निर्माण बिना दमकल विभाग से एनओसी लिए किया गया है। यह खुलासा ह्यूमन राइट्स कमीशन की ओर से कराई गई जांच में हुआ है। मामले की सुनवाई 30 जनवरी को होगी।
ह्यूमन राइट्स कमीशन ने यह जांच सिविल अस्पताल के तत्कालीन चिकित्सक गुलशन चौहान की शिकायत पर शुरू की थी। सिरसा सिविल अस्पताल के तत्कालीन चिकित्सक डॉ. गुलशन चौहान ने ह्यूमन राइट्स कमीशन को छह जुलाई 2016 को शिकायत भेजी, जिसमें ओएचएम सिनेमा को लेकर कई तरह के आरोप लगाए गए।
इस पर ह्यूमन राइट्स कमीशन ने जांच कमेटी का गठन किया, जिसमें डीएसपी स्तर के अधिकारियों को शामिल किया गया। कमेटी ने जांच की और जिला अधिकारियों से भी जानकारी हासिल की। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ओएचएम कैंपस में बने रेस्टोरेंट, गेम जोन, मल्टीप्लैक्स सिनेमा और रिसोर्ट को बनाने से पहले फायर एनओसी दमकल विभाग से नहीं ली गई। यह फायर सर्विस एक्ट उल्लंघन है।
डॉक्टर के खिलाफ मामला संदेहजनक
ओएचएम की महिला कर्मचारी द्वारा डॉ. गुलशन चौहान के खिलाफ पुलिस में दी गई शिकायत के आरोपों की जांच भी ह्यूमन राइट्स कमीशन ने पूरी कर ली है। कमीशन की जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि परिवादी द्वारा पेश की गई कॉल डिटेल और टॉवर लोकेशन के आधार पर पता चला है कि परिवादी ओएचएम में गया ही नहीं।
11 अप्रैल 2014 को भी परिवादी ओएचएम में नहीं गया और गवाह भी पेश किए। यदि ऐसी कोई घटना होती तो शिकायतकर्ता लड़की थाने में शिकायत दर्ज कराती और ओएचएम के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देती। मामले में ओएचएम की ओर से कोई गवाह भी नहीं आया। इसलिए यह मामला संदेहजनक है। बता दें कि ओएचएम की एक कर्मचारी ने पुलिस में दी शिकायत में आरोप लगाया था कि 11 अप्रैल 2014 को शाम पांच बजे जब ओएचएम के वाश रूम में जा रही थी तो उस समय चौहान ने उसके साथ छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार किया।
यह है मामला
सिविल अस्पताल के तत्कालीन चिकित्सक डॉ. गुलशन चौहान ने शिकायत में बताया कि वह अपने मित्र के साथ 16 मार्च 2014 को ओएचएम में फिल्म देखने गए। वहां पानी की व्यवस्था को लेकर उनकी बहस हुई तो उन्होंने शिकायत दी। इसके बाद ओएचएम की एक महिला कर्मचारी ने भी डॉक्टर के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया। डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया। डॉ. गुलशन चौहान ने शिकायत ह्यूमन राइट्स कमीशन में दी। इस शिकायत पर जांच की तो ये सब खुलासा हुआ।
जांच पूरी हो चुकी
ह्यूमन राइट्स कमीशन के आदेश अनुसार मैंने जांच की और रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि ओएचएम का निर्माण होने से पहले दमकल विभाग से एनओसी नहीं ली गई। इसके अलावा जो मामला उनके खिलाफ दर्ज कराया गया, उसमें भी कहीं न कहीं संदेह है। मैंने अपने रिपोर्ट पेश कर दी है। आगे की कार्रवाई नियमित सुनवाई के दौरान होगी और फैसला उच्चाधिकारियों को लेना है।
दिनेश यादव, डीएसपी, ह्यूमन राइट्स कमीशन
बिना एनओसी कर दिया अवैध निर्माण
शहरी क्षेत्र में किसी भी निर्माण के लिए दमकल विभाग से एनओसी लेना जरूरी है, ताकि आगजनी के समय सुरक्षा का ध्यान रखा जा सके, लेकिन ओएचएम निर्माण से पहले हमारे विभाग से एनओसी नहीं ली और अवैध निर्माण कर डाला। हमने अपनी बात जांच अधिकारियों को बता दी है।
सत्यवान, फायर ऑफिसर, सिरसा
कमीशन का नोटिस नहीं आया
ओएचएम के लिए एनओसी है। हमने डीसी से एनओसी ले ली थी। जहां तक ह्यूमन राइट्स कमीशन के फैसले की बात है तो बता दूं कि इससे पहले भी जांच हो चुकी है, जिसका फैसला हमारे पक्ष में आ चुका है। अब कमीशन की ओर से नया नोटिस हमारे पास नहीं आया। इसके अलावा जो शिकायतकर्ता है, वह निजी रंजिश के चलते हमारे खिलाफ शिकायत करता है।
पंकज खेमका, संचालक, ओएचएम