सरकारी स्कूलों में लापरवाही का आलम यह है कि सोमवार को एक परिवार के इकलौते छात्र की जान चली गई।
बड़ागुढ़ा क्षेत्र के गांव कर्मगढ़ स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में बनी ढक्कन रहित पानी की डिग्गी में डूबने से पहली कक्षा के छात्र सौरभ की मौत हो गई।
इस घटना के बाद स्कूल में छुट्टी कर दी गई। उधर स्कूल इंचार्ज ने इस संबंध में लापरवाही भरा बयान दिया कि हर छात्र पर नजर तो नहीं रखी जा सकती।
बीईईओ पवन सुथार ने कहा कि डिग्गी पर ढक्कन न लगाना स्कूल प्रबंधन की लापरवाही है। वे इस मामले की जांच करेंगे।
जानकारी के अनुसार स्कूल में दोपहर को आधी छुट्टी के दौरान पहली कक्षा में पढ़ने वाला नौ वर्षीय सौरभ खेल रहा था। इसी दौरान वह डिग्गी में गिर गया।
छात्रों के शोर मचाने पर अध्यापक संदीप ने डिग्गी में छलांग लगाकर सौरभ को बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
उधर घटना की जानकारी मिलते ही विद्यालय पहुंची उसकी मां बेहोश हो गई। सौरभ उसका इकलौता बेटा था। मृतक के पिता इंद्रपाल ने इस घटना को विद्यालय स्टाफ की लापरवाही बताते हुए कहा कि अगर डिग्गियों पर ढक्कन लगा होता तो उसका चिराग न बुझता।
बड़ागुढ़ा पुलिस थाने के एसआई महेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक के दादा रामस्वरूप के बयान पर 174 की कारवाई करते हुए पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
बच्चे की मौत पर अफसोस है, लेकिन स्कूल में हर बच्चे पर नजर तो नहीं रखी जा सकती।
महावीर प्रसाद, स्कूल इंचार्ज
राजकीय प्राथमिक विद्यालय, कर्मगढ़