युवक की पत्थर मार-मारकर हत्या करने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने हत्यारे सुखा उर्फ सुखदेव को उम्रकैद की सजा सुनाई है। गांव कंगनपुर में वर्ष 2013 में हुए हत्याकांड को पांच लोगों ने अंजाम दिया था। चार हत्यारों को न्यायालय पिछले वर्ष उम्रकैद की सजा सुना चुका है।
न्यायाधीश बिमलेश तंवर की अदालत ने हत्यारे को 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस हत्याकांड को इसलिए अंजाम दिया गया, क्योंकि मृतक कुलदीप ने छोटे भाई का उसकी प्रेमिका के साथ प्रेम विवाह कराया था। इसके बाद लड़की के परिवार वाले उससे बदला लेना चाहते थे।
गांव कंगनपुर निवासी बाज सिंह अपने छोटे भाई कुलदीप के साथ 22 मई 2013 को घर पर सोया था। परिवार के बाकी लोग फतेहाबाद के गांव मयोंद कलां गए हुए थे। रात करीब साढ़े नौ बजे कंगनपुर निवासी मुख्तयार सिंह, हीरा सिंह, सुखा सिंह, दुल्ला और लाडी घर के बाहर आकर कुलदीप को ललकारने लगे। ये लोग बाहर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुस आए और कुलदीप को दबोच लिया।
ये कुलदीप को उठाकर अपने घर ले गए और बिजली के खंभे से रस्सी से बांध दिया। फिर पांचों ने हाथों में पत्थर लिए और कुलदीप पर बरसाने लगे। मुख्तयार सिंह, हीरा सिंह, सुखा सिंह, दुल्ला और लाडी ने पत्थर मार-मारकर कुलदीप को मौत के घाट उतार दिया। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद ये लोग घर से फरार हो गए। बाज सिंह कुछ लोगों को लेकर मुख्तयार सिंह के घर पहुंचा तो कुलदीप का खून से लथपथ शव बिजली के खंभे से बंधा हुआ मिला।
वारदात की सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। बड़े भाई बाज सिंह ने हत्याकांड का कारण बताते हुए कहा कि उसका सबसे छोटा भाई गगनदीप लाडी की बहन से प्यार करता था। कुलदीप ने छोटे भाई की उसकी प्रेमिका से लव मैरिज करवा दी थी।
इसके बाद लड़की का भाई लाडी और उसके चचेरे भाई मुख्तयार सिंह, हीरा सिंह, सुखदेव सिंह उर्फ सुक्खा और दुल्ला कुलदीप से बदला लेना चाहते थे। इसी रंजिश के कारण इन पांचों ने कुलदीप की हत्या कर दी। पुलिस ने पांचों के खिलाफ केस दर्ज करके मुख्तयार सिंह, हीरा सिंह, लाडी और दुल्ला को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन सुखदेव सिंह उर्फ सुक्खा पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया।
वर्ष 2014 को जिला एवं सत्र न्यायालय ने मुख्तयार सिंह, हीरा सिंह, लाडी और दुल्ला को कुलदीप की हत्या का दोषी करार देकर आजीवन कारावास की सजा सुना दी थी। वर्ष 2015 में पुलिस ने सुखदेव सिंह को गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिमलेश तंवर ने सुखदेव को भी उम्रकैद की सजा सुना दी।