पेट्रोल छिड़कर व्यक्ति को जिंदा जलाकर मारने के मामले में सेशन कोर्ट ने हत्यारे भारत भूषण को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी को पांच हजार रुपये जुर्माना भी किया है। जुर्माना नहीं भरने पर तीन महीने अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सेशन जज बिमलेश तंवर की अदालत ने 13 महीने में इस मामले का निपटारा किया है।
अभियोजन के अनुसार डबवाली के वार्ड नंबर सात स्थित प्रेम नगर निवासी हरीश कुमार का इसी मोहल्ले में रहने वाले भारत भूषण के साथ अच्छी बोलचाल थी। हरीश कुमार मकान खरीदना चाहता था। भारत भूषण ने उसे कहा कि उसकी नजर में एक मकान है और सवा दो लाख रुपये में सौदा तय हो सकता है। हरीश कुमार ने उसपर भरोसा करके उसे सवा दो लाख रुपये दे दिए। रुपये मिलते ही भारत भूषण की नीयत में खोट आ गया।
उसने हरीश को मकान तो दिखा दिया लेकिन उसकी चाबियां देने में आना कानी करने लगा। इस चक्कर में दोनों के बीच कई बार विवाद हुआ। 30 जुलाई 2015 को हरीश कुमार भारत भूषण के घर गया और मकान की चाबी मांगी जिससे भारत भूषण को गुस्सा आ गया। उसने घर मेें रखी पेट्रोल की बोतल उठाई और सारा तेल हरीश के ऊपर छिड़कर माचिस की तिल्ली जलाकर उसे आग लगा दी। हरीश कुमार का शरीर आग से बुरी तरह झुलस गया।
उसे गंभीर हालत में सिविल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक होते देख उसके मजिस्ट्रेट समक्ष बयान करवाए। मजिस्ट्रेट को बयान देने के बाद उपचार के दौरान हरीश कुमार की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी भारत भूषण के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया। 13 महीने तक सेशन जज बिमलेश तंवर की कोर्ट में चले इस मामले का निपटारा मंगलवार को हुआ और कोर्ट ने हत्यारे भारत भूषण को आजीवन कारावास की सजा सुना दी।