सोमवार का दिन अदालत परिसर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिमलेश तंवर की अदालत के नाम रहा। सत्र अदालत ने हत्या के तीन मामलों का अपना फैसला सुनाया।
जिस फैसले का सभी को इंतजार रहा वह था कंगनपुर में हुई ऑनर किलिंग का मामला। अदालत ने युवक की बेरहमी से हत्या करने वाले लड़की पक्ष के पांच लोगों को दोषी करार देकर उम्र कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
जुर्माना राशि नहीं भरने पर तीन-तीन माह अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
अभियोजन के अनुसार गांव कंगनपुर निवासी कुलदीप सिंह उर्फ नीटू सिंह के भाई गगनदीप सिंह ने वर्ष 2011 में पड़ोस में रहने वाली एक युवती के साथ घर से भागकर चंडीगढ़ कोर्ट में प्रेम विवाह किया था।
लड़की इसाई धर्म से थी और इसी कारण लड़की पक्ष के लोग कुलदीप सिंह के परिवार से रंजिश पाले हुए थे। परिवार वालों ने गगनदीप की जान पर मंडराते खतरे को देखते हुए उसे अपनी बहन के पास गांव अहरवा भेज दिया।
23 मई 2013 की रात कुलदीप सिंह अपने भाई बाज सिंह के साथ घर की छत पर सोया हुआ था। रात करीब 11 बजे लड़की के रिश्तेदार मुख्तयार मसीह, मंगता मसीह, लाडी मसीह, दूला मसीह व हीरा मसीह जबरन घर में घुस आए और कुलदीप सिंह से हाथापाई शुरू कर दी।
इसे बाद उक्त लोग उसे उठाकर अपने घर ले गए और उसे छत से उल्टा लटका दिया। फिर सभी ने पत्थर मार-मारकर उसकी हत्या कर दी।
भाई बाज सिंह ने किसी तरह अपनी जान बचाते हुए छत से छलांग लगा दी, और वहां से भागा। वह बस अड्डा पहुंचा। यहां से वह एक ट्रक पर सवार होकर बहन के पास गांव अहरवा पहुंचा।
बहन को सारी घटना की जानकारी दी। दिल दहला देने वाले इस हत्याकांड की सूचना पर सदर पुलिस मौके पर पहुंची।
छत पर उल्टा लटके कुलदीप के शव को पुलिस ने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस ने मृतक कुलदीप सिंह के भाई बाज सिंह की शिकायत पर आरोपी मुख्तयार, हीरा, लाडी, दूला व मंगत के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करके सभी आरोपियों को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया।
करीब 28 महीने अदालत में चले इस मामले का निपटारा करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिमलेश तंवर की अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।