अदालत समक्ष जांच अधिकारी को जान से मारने की धमकी देने वाले बदमाशों को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने एक-एक साल कैद की सजा सुनाई है।
एडीजे आरपी सिंह की अदालत ने सात महीने में ही इस मामले का वीरवार को निपटारा करके दोषियों को दंड दिया। मामले के अनुसार जनवरी 2015 में सिरसा से हिसार की तरफ जाने वाली रेलगाड़ी मेें बदमाशों ने दो अप्रवासी मजदूरों से लूटपाट करके उन्हे चलती रेलगाड़ी से नीचे फेंक दिया था, जिससे एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। सिरसा जीआरपी ने घायल के बयान दर्ज करके हत्यारों की तलाश शुरू कर दी।
पुलिस ने अहम सबूत जुटाते हुए वारदात को अंजाम देने वाले अरनियां वाली निवासी चिमन लाल और बनावाली निवासी बाबू लाल को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में जांच अधिकारी जीआरपी के ईएसआई जगदीश कुमार की गवाही थी। 16 अप्रैल 2015 को जांच अधिकारी जगदीश कुमार गवाही देने अदालत पहुंचे तो एडीजे आरके मेहता की अदालत समीप पुलिस कर्मचारियों व वकीलों की मौजूदगी में बदमाश चिमन लाल और बाबू लाल ने जांच अधिकारी को धमकी दी कि अगर उनके खिलाफ गवाही दी तो जान से मार देंगे।
अदालत परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में सारी वारदात कैद हो गई। इसके बाद हुडा चौकी पुलिस ने जांच अधिकारी की शिकायत पर हत्या आरोपी चिमन लाल और बाबूलाल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।