मरीज का उपचार ठीक ढंग से नहीं करने पर जिला उपभोक्ता न्यायालय ने सांगवान चौक स्थित हड्डियों के अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अशोक और डॉ. सरिता बिश्नोई पर चार लाख रुपये का जुर्माना ठोका है। जुर्माना राशि वर्ष 2013 से नौ प्रतिशत ब्याज सहित देनी होगी और साथ में केस के सारे कानूनी खर्च का भुगतान भी डॉक्टर दंपति को करना होगा।
अभियोजन के अनुसार फाजिल्का निवासी इंद्रजीत सोनी के हाथ में दुर्घटना के दौरान फ्रेक्चर आ गया था। वे उपचार के लिए सिरसा के सांगवान चौक स्थित सरिता-अशोक हड्डियों के अस्पताल में आए। डॉ. अशोक बिश्नोई और सरिता बिश्नोई ने घायल इंद्रजीत के हाथ मेें रॉड डाल दी। कुछ दिनों बाद क्षतिग्रस्त हाथ की हालत काफी खराब हो गई। इंद्रजीत सोनी ने किसी दूसरे चिकित्सक को अपना हाथ दिखाया। जिसमें यह बात सामने आई कि डॉक्टर दंपति ने हाथ के ऑपरेशन में लापरवाही बरती। इंद्रजीत ने बीमा कंपनी से अपना हेल्थ बीमा करवाया हुआ था।
डॉक्टर अशोक बिश्नोई की गलत रिपोर्ट के चलते बीमा कंपनी ने भी रुपयों का भुगतान करने में आनाकानी की। इंसाफ के लिए इंद्रजीत सोनी ने जिला उपभोक्ता न्यायालय का द्वार खटखटाया। मामले की सुनवाई करते हुए उपभोक्ता न्यायालय ने डॉक्टर अशोक बिश्नोई व सरिता बिश्नोई को लापरवाही का दोषी मानते हुए चार लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। फैसले में यह आदेश दिया गया है कि पीड़ित उपभोक्ता इंद्रजीत सोनी को जुर्माना राशि नौ प्रतिशत ब्याज सहित अदा की जाए।