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भ्रूण जांच करने वाले डॉ. एमआर बंसल को दो साल व पत्नी प्रोमिला बंसल को एक साल कैद

Sat, 28 Nov 2015 12:20 AM IST
अमर उजाला सिरसा/ब्यूरो
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अदालत ने भ्रूण जांच मामले में शुक्रवार दोपहर चिकित्सक दंपति को दोषी मानते हुए कैद की सजा सुनाई।
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न्यायाधीश अनुराधा ने दोषी डॉक्टर एमआर बंसल को दो साल कैद और उनकी पत्नी डॉक्टर प्रोमिला बंसल को एक साल कैद की सजा सुनाई है।

इसके अतिरिक्त दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। न्यायाधीश के फैसला सुनाने से पहले सुबह बचाव पक्ष ने अदालत से सजा में थोड़ा रहम करने की गुहार लगाई।

बचाव पक्ष ने दलील दी कि एमआर बंसल व डॉ. प्रोमिला बंसल के स्वास्थ्य में गिरावट है। दोनों के स्वास्थ्य देखते हुए सजा में राहत बरती जाए। इ

सके बाद दोपहर एक बजे न्यायाधीश अनुराधा की अदालत ने दोषी एमआर बंसल को दो साल व डॉ. प्रोमिला बंसल को स्वास्थ्य कारणों के चलते कुछ राहत देते हुए एक साल कैद की सजा सुना दी।
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अदालत ने डॉक्टर दंपति को भ्रूण जांच मामले में 21 नवंबर को दोषी करार दिया था।

जमानत दिलवाने अदालत पहुंचे नेता
इस हाई प्रोफाइल मामले में अदालत का फैसला सुनने के लिए सुबह से ही अदालत के बाहर काफी संख्या में लोग एवं मीडियाकर्मी जुटे थे।

दोषी डॉक्टर दंपति ने छायाकारों से चेहरा बचाने का प्रयास किया, लेकिन मीडिया ने उनके चित्र कैमरों में कैद कर लिए। सजा सुनने के बाद दोषियों ने जमानत लेने के लिए सेशन कोर्ट में याचिका दायर कर दी।

जमानती और शिनाख्ती के तौर पर बीजेपी नेता एवं आईएमए पदाधिकारी, आईएमए सदस्य और इनेलो नेता अदालत में उपस्थित रहे। उन्होंने जमानत संबंधित सारी कार्यवाही पूरी करवाई।

इसके बाद अदालत ने 35-35 हजार रुपये के मुचलके पर सजायाफ्ता डॉ.एमआर बंसल और डॉ. प्रोमिला बंसल को जमानत दे दी।

यह था पूरा घटनाक्रम
जनवरी 2014 में स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना मिली कि वाल्मीकि चौक स्थित बंसल नर्सिंग होम में भ्रूण हत्या और लिंग जांच जैसा जघन्य कार्य किया जा रहा है।

इसके बाद डिप्टी सीएमओ वीरेश भूषण के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल में छापेमारी की। इस दौरान टीम को अस्पताल में काफी अनियमितताएं मिली।

इसके बाद अस्पताल संचालक डॉ. एमआर बंसल व उसकी पत्नी के खिलाफ एमटीपी आर पीएनडीटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करवाई गई।

डॉक्टर पर एफआईआर दर्ज करने को लेकर आईएमए में रोष फैल गया था और निजी अस्पतालों के चिकित्सकों ने रोष मार्च निकालने के बाद हड़ताल शुरू कर दी।

जिले भर में निजी अस्पताल के डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से मरीजों को खासी परेशानियां झेलनी पड़ी। आईएमएम ने उस समय आरोपी डॉक्टर एमआर बंसल को अपनी तरफ से क्लीन चीट दे दी थी।
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21 नवंबर 2015 इस अहम मामले का निपटारा करते हुए न्यायाधीश अनुराधा ने  डॉ. एमआर बंसल व उनकी पत्नी को भ्रूण जांच करने का दोषी करार देते हुए सजा का फैसला 27 नवंबर तक सुरक्षित रख लिया था।
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