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पंजाब एंड सिंध बैंक का एटीएम तोड़ा

Tue, 06 Oct 2015 11:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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अब तक नेशनल हाईवे पर एटीएम को निशाना बनाते आ रहे बदमाशों ने सोमवार रात को शहर के बीचों-बीच स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक के बंद एटीएम को निशाना बनाया। बदमाशों ने एटीएम का सिक्योरिटी लॉक तोड़ दिया और कैश बॉक्स को खोलने के लिए पासवर्ड भी दबाया।
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लॉक न खुलने पर उसे तोड़ने का प्रयास किया। पुलिस ने मामला दर्ज करके आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है । गौरतलब है कि रेलवे स्टेशन के पीछे डॉ. गुलाटी रोड पर स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक का कर्मचारी बनारसी सुबह करीब साढ़े छह बजे एटीएम खोलने के लिए आया था।

एटीएम का शटर ऊंचा उठा देख उसका माथा ठनका। जैसे ही शटर ऊपर किया तो एटीएम मशीन टूटी देख उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई। सूचना मिलते ही बैंककर्मी तथा पुलिस मौका पर पहुंची। एटीएम मशीन के कैश बॉक्स में राशि सुरक्षित होने पर बैंक ने राहत की सांस ली।
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बॉक्स में करीब 46 हजार रुपये की राशि थी। दूसरी ओर पुलिस को टेंशन हो गई। चूंकि पंजाब एंड सिंध बैंक शहर के बीचों बीच स्थित है। रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, कॉलोनी रोड तथा मुख्य बाजार जाने वाले लोगों का आना-जाना पूरी रात लगा रहता है।

इसके बावजूद वारदात होने से पुलिस गश्त की पोल भी खुल गई है। शहर थाना पुलिस के साथ-साथ सीआईए डबवाली मामले की जांच कर रही है।

40 साल पुरानी ब्रांच में नहीं तैनात है गार्ड
शहर में 23 अप्रैल 1975 को पंजाब एंड सिंध बैंक की शाखा का शुभारंभ हुआ था। मौजूदा समय में बैंक में सिक्योरिटी गार्ड नहीं है।

न ही एटीएम पर गार्ड तैनात है। सीसीटीवी कैमरे होना तो बहुत दूर की बात है। यहां तक की एटीएम रूम में भी सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हुए थे। बैंक की इस शाखा में हर रोज करीब दो लाख रुपये की ट्रांजेक्शन होती है। एटीएम दनादन चलता है।

चार अक्तूबर को बैंक के एटीएम में दो लाख 11 हजार रुपये की राशि थी। पांच अक्तूबर को करीब एक लाख 72 हजार रुपये निकल गए थे। पैसा कम होने के कारण बैंक को लाखों रुपये की राशि एटीएम में भरनी थी। बैंक को पैसा नहीं मिला। जिसके चलते बैंक ने मंगलवार सुबह को यह कार्य करना था। उससे पहले ही उपरोक्त वारदात हो गई।


बदमाश बेखौफ थे। एटीएम पर लपासवर्ड नहीं लगा, फिर तोड़ने का प्रयासगे शट्टर का ताला तोड़ने के बाद आराम से भीतर प्रवेश किया। बदमाशों ने एटीएम का सिक्योरिटी लॉक बड़े आराम से तोड़ डाला। इसके बाद कैश बॉक्स खोलने के लिए पासवर्ड भी लगाया। जब पासवर्ड काम नहीं आया तो बॉक्स को तोड़ना चाहता। लेकिन सफल नहीं हुए।
एक साल पहले लगाया था एटीएम

पंजाब एंड सिंध बैंक में करीब एक साल पहले एटीएम लगा था। उसी दौरान बनारसी अठवाल को गार्ड के तौर पर रखा गया था। 24 घंटे एटीएम ओपन रहता था।

गार्ड को छह हजार रुपये से अधिक सैलरी मिलती थी। लेकिन पंजाब तथा हरियाणा में बढ़ती एटीएम लूट तथा गार्ड के मर्डर की घटनाओं के बाद एकाएक बैंक के उच्च अधिकारियों ने इस व्यवस्था को बंद कर दिया। गार्ड का स्थान अस्थायी कर्मचारी ने ले लिया।

जो सुबह छह बजे बैंक एटीएम ओपन करके चला जाता है। रात को 10 बजे एटीएम बंद करता है। इस काम के बदले उसे पंद्रह सौ रुपये मेहनताना मिलता है।

बैंक की लापरवाही उजागर
पुलिस के साथ-साथ सुरक्षा के मामले में बैंक की भी लापरवाही उजागर हुई है। घटनाओं के बाद भी बैंक की आंख नहीं खुली।

एटीएम मशीन में सीसीटीवी कैमरा फिट होने के अतिरिक्त बैंक या फिर एटीएम में कैमरा मौजूद नहीं है। यहां तक की बैंक ने एटीएम मशीन का कनेक्शन भी सायरन से नहीं किया गया था। अज्ञात बदमाशों ने बैंक की लापरवाही तथा पुलिस की कमजोरियों का फायदा उठाते हुए वारदात को अंजाम दिया।

ब्लेड छोड़ गए बदमाश, पुलिस ने नहीं उठाया
एटीएम से कैश उड़ाने के लिए बदमाश पूरी तैयारी के साथ आए थे। सिक्योरिटी लॉक को काटने के बाद उन्होंने कैश बॉक्स को भी काटने का प्रयास किया। लेकिन उनका यह प्रयत्न सटीक नहीं रहा। वे ब्लेड वहीं छोड़ गए। हालांकि पुलिस ने दो बार मौका का मुआयना किया। इसके बावजूद भी पुलिस ने ब्लेड नहीं उठाया।

सिक्योरिटी लॉकर टूटा हुआ है। लेकिन पासवर्ड सिस्टम को भेद पाने में आरोपी नाकाम रहे। बैंक समय-समय पर पासवर्ड चेंज करता रहता है। पासवर्ड चेंज करने की प्रक्रिया बैंक के भीतर होती है। शाखा प्रबंधक तथा संबंधित अधिकारी को पासवर्ड मालूम होता है।

बैंक में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के लिए वे उच्च अधिकारियों को बार-बार ई-मेल भेज रहे हैं। प्रदेश में करीब सौ से ज्यादा शाखाएं हैं। बैंक ने टेंडर जारी किया हुआ है, सभी जगह कैमरे लगने हैं। करीब 46 हजार रुपये की नकदी सेफ है। पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई गई है। सीसीटीवी फुटेज को पुलिस को दिया जाएगा। -इकबाल सिंह कटारिया, प्रबंधक पंजाब एंड सिंध बैंक, शाखा डबवाली

एटीएम तोड़ा गया है। लेकिन पैसा सेफ रह गया। शाखा प्रबंधक के बयान पर केस दर्ज किया गया है। गुत्थी को सुलझाने के लिए सीआईए की भी मदद ली जा रही है। -सुखदेव सिंह, प्रभारी, शहर थाना, डबवाली
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