पंजाब के गांव कोटफत्ता में आठ मार्च को अंधविश्वास के नाम पर दो मासूम बच्चों की बलि के मामले में शनिवार को पंजाब पुलिस की टीम ने कालांवाली से एक कथित तांत्रिक को पूछताछ के लिए अपने साथ पंजाब ले गई। कोटफत्ता के थाना प्रभारी कृष्णपाल ने बताया कि जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में शामिल आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर गांव कोटफत्ता के लोगों ने पंजाब पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बनाने के लिए एक्शन कमेटी का गठन किया था, जिसने पंजाब पुलिस को मामले में शामिल तांत्रिक को गिरफ्तार नहीं करने पर मृतक बच्चों के भोग न डालकर सड़क जाम करने की चेतावनी दी थी। रविवार को मृतक बच्चों का भोग डाला जाना है, जिसके चलते पुलिस ने बढ़ते दबाव को देखते हुए तांत्रिक को शनिवार को हिरासत में लिया।
वहीं कालांवाली के तांत्रिक द्वारा उकसाने के बाद बच्चों की दी गई बलि की कालांवाली तर्कशील सोसायटी ने भी कड़ी निंदा की है। तथाकथित तांत्रिक के खिलाफ अपने स्तर पर सबूत एकत्रित करने के लिए कालांवाली, मोड़ मंडी, बठिंडा, तलवंडी साबो की तर्कशील टीमों के मुखियाओं ने गांव का दौरा कर मृतक बच्चों के परिजनों और रिश्तेदारों से मुलाकात की थी।
घटना में कालांवाली मंडी के एक तांत्रिक का नाम सामने आया है। मृतक बच्चों के परिवार के सदस्य कालांवाली में बाबा के पास बच्चा पाने की आस में आते थे। घटना से दो दिन पहले भी परिवार की महिलाएं बाबा के पास आई थीं और बाबा ने उन्हें कुछ उपाय बताए थे। मृतक बच्चों के दादा मुख्तयार सिंह ने बताया कि कालांवाली के बाबा ने उनके परिवार के सदस्यों को खाने के लिए प्रसाद के नाम पर लड्डू और राख आदि कई वस्तुएं दी थीं।
लखबीर सिंह को जांच के लिए ले जाया गया है। उनके साथ पंचायत के सदस्य भी आए हैं। उनसे पूछताछ जारी है, जांच में अगर दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जस्सा सिंह एएसआई, कोटफत्ता थाना, पंजाब