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लैबोरेटरी संचालक राजकुमार हत्याकांड:

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संपत्ति के लालच में बेटे की हत्या करने की दोषी मां, बडे़ भाई व भाभी को उम्र कैद
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सिरसा। बहुचर्चित लैबोरेटरी संचालक राजकुमार हत्याकांड कांड मामले में सत्र न्यायालय ने हत्या की दोषी मां, भाई व भाभी को उम्र कैद की सजा सुनाई है। उन पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। तीनों दोषियों राजकुमार की संपत्ति हड़पने के लालच में उसकी हत्या कर दी थी। खास बात ये है कि हत्यारे गुपचुप तरीके से राजकुमार का अंतिम संस्कार करने की फिराक में थे, लेकिन राजकुमार के दोस्तों ने उनके इरादों पर पानी फिर दिया। इस मामले में पुलिस ने जून 2014 को केस दर्ज किया था।
जानकारी के अनुसार डीसी कॉलोनी निवासी राज कुमार की शहर के बरनाला रोड पर लैबोरेटरी थी। एक जून 2014 की सुबह करीब दस बजे राजकुमार का दोस्त अशोक उसके घर गया तो उसने खून से भरी बाल्टी देखी। राजकुमार की मां चंपा ने उसे कमरे के अंदर आने से रोक दिया। इसके बाद चंपा फर्श साफ करने में जुट गई और उसने कमरे में झाडू निकालनी शुरू कर दी। कुछ देर बाद राजकुमार के बड़े भाई श्रीराम ने उसे बताया कि राजकुमार की मौत हो चुकी है। भाई की मौत का तनिक भी गम श्रीराम के चेहरे पर नहीं दिखाई दिया। इसके बाद राजकुमार के दोस्तों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलने पर शहर थाना प्रभारी मौजीराम मौके पर पहुंचे। परिजनों ने पुलिस को बताया कि फर्श पर गिरने से राजकुमार के सिर पर चोट आई, इससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम करवाया और जांच के बाद आगामी करने की बात कही, लेकिन राजकुमार के दोस्त कहते रहे कि परिवार के लोगों ने उसकी हत्या की है। दो दिन बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो तीन जून 2014 को दोस्तों ने बरनाला रोड पर जाम लगा दिया। इसके बाद दोस्तों ने मृतक राजकुमार की पत्नी संतोष के साथ खैरपुर चौकी का घेराव किया। काफी हंगामा होने के बाद पुलिस ने संतोष रानी का बयान दर्ज करके सास चंपा, जेठ श्रीराम और जेठानी रानी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करके तीनों को गिरफ्तार कर लिया। राजकुमार की पत्नी संतोष रानी की अपने बयान में बताया कि 29 मई को उसकी सास ने उसे धक्के से मायके हिसार भेज दिया था। आरोपियों से पूछताछ में यह बात सामने आई कि राजकुमार करोड़ों की जायदाद का मालिक था। जमीन व प्लाट व कई दुकानें उसके नाम थी, जबकि बड़े भाई श्रीराम के नाम नाममात्र प्रापर्टी थी। मां चंपा श्रीराम को ज्यादा प्यार करती थी। राजकुमार की संपत्ति हड़पने के लिए तीनों मिलकर उसकी हत्या कर दी।
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मां ने जला दिए थे बेटे के खून से सने कपड़े
संतोष रानी ने जांच अधिकारी को बताया था कि उसके पति के खून से कपड़ों को उसकी सास ने चूल्हे में जला डाला। हर सबूत मिटाने के लिए पूरा प्रयास किया। फर्श पानी से साफ किया और झाडू़ लगा दी। यहां तक जिस पलंग पर राजकुमार की मौत हुई, उस पर भी नया कपड़ा चढ़ा दिया। पुलिस ने मौके पर जाकर पलंग से कपड़ा उतरवाया और खून से सनी पलंग की निवाड़ को अपने कब्जे में ले लिया।
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दोस्तों ने करवाया था संस्कार
पोस्टमार्टम होने बाद राजकुमार के शव को बड़ा भाई श्रीराम अस्पताल से ही सीधा श्मशान घाट ले जाने लगा। इस पर दोस्तों ने एतराज जताया कि अंतिम संस्कार पूरे विधिविधान से होना चाहिए। घरवालों ने तो अर्थी का सामान तक नहीं मंगवाया था। सभी दोस्तों ने राजकुमार के शव का विधिपूर्वक अंतिम संस्कार किया।
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