अमर उजाला ब्यूरो
ओढां। ओढां के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में शुक्रवार रात एक गर्भवती महिला को बिना किसी ठोस वजह के रेफर कर दिया गया। परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उधर स्टाफ नर्स ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि गर्भवती का बीपी कम था।
ओढां निवासी जसवंत सिंह अपनी पुत्री कुलविन्द्र कौर को प्रसव पीड़ा के चलते शुक्रवार सांय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में लेकर गया था। आरोप है कि उसकी पुत्री को अस्पताल में करीब 4 घंटे तक रखने पर बाद ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स ने उसे बिना किसी ठोस वजह के रेफर कर दिया। जसवंत के अनुसार जब उसने वजह पूछी तो स्टाफ नर्स ने कोई संतुष्टिजनक जवाब न देते हुए कहा कि केस उसकी समझ से बाहर है। ये सुनकर परिजनों ने अस्पताल में काफी देर तक हंगामा किया। स्टाफ नर्स से जब पूछा गया तो उसने कहा कि गर्भवती का बीपी कम है। परिजन गर्भवती महिला को लेकर काफी देर तक बाहर बैठे रहे। जिसके बाद एक समाजसेवी युवक ने गर्भवती को अपनी गाड़ी में बिठाकर निजी अस्पताल में पहुंचाया। जहां करीब एक घंटे बाद सामान्य प्रसव हो गया। जसवंत ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि अस्पताल के कर्मचारी स्वास्थ्य सेवाओं को पलीता लगाते हुए सामान्य केसों को भी रेफर करने में विश्वास रखते हैं।
मैं कुछ दिनों से छुट्टी पर हूं। हां स्टाफ मरीजों को तंग करता है, इसकी मुझे जानकारी है। अगर स्टाफ नर्स ने गर्भवती को बिना किसी ठोस वजह के रेफर किया है तो ये गलत है। मैं मामले की जानकारी लेकर एक्शन लूूंगा।
- भूषण गर्ग, एसएमओ।
लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देना विभाग का कर्तव्य है। अगर स्टाफ नर्स ने गर्भवती को कोई बिना ठोस वजह के रेफर किया है, तो ये बिल्कुल गलत है। पीड़ित शिकायत करें। मामले की जांच करवाकर लापरवाह कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- बिजेंद्र हुड्डा, एसडीएम, कालांवाली।