दिव्यांग ने चौकी प्रभारी पर लगाया मारपीट का आरोप
सिरसा। डीएसपी के आदेश पर पुलिस चौकी में न्याय की गुहार लेकर पहुंचे एक दिव्यांग हॉकर ने चौकी प्रभारी पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। वहीं चौकी प्रभारी ने मारपीट की घटना से इनकार किया है। पीड़ित ने आईजी, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।
कीर्तिनगर की गली श्यामवाली निवासी दिव्यांग हॉकर संदीप शर्मा पुत्र विनोद कुमार ने बताया कि अप्रैल माह में उसका कुछ लोगों से विवाद हुआ था। जिसकी उसने पुलिस में शिकायत की थी। पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने पर उसने उच्चाधिकारियों से शिकायत की। साथ ही सीएम विंडो पर भी एक शिकायत डाली। इस बीच चार चौकी प्रभारी बदल गए। लेकिन उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। हॉकर ने बताया कि दो दिन पहले डीएसपी रविंद्र सिंवर ने उसे कार्यालय में बुलाया और उसका पक्ष सुना। डीएसपी ने उसे कीर्तिनगर चौकी प्रभारी के पास भेजा। साथ ही डीएसपी ने फोन पर चौकी प्रभारी से नियमानुसार कार्रवाई करने का कहा। संदीप ने बताया कि वह वीरवार को अपनी मां कमलेशरानी के साथ चौकी में पहुंचा और चौकी प्रभारी से मिला। संदीप का आरोप है कि चौकी प्रभारी ने कहा कि तूने तो प्रधानमंत्री तक शिकायत करके देख लिया। अब तक क्या हुआ। पुलिस वाले अपनी ही बात से मुकर जाते हैं। ऐसे में उसने मोबाइल फोन से रिकार्डिंग शुरू कर दी। जिस पर चौकी प्रभारी ने उसे पकड़ लिया और थप्पड़ जड़ दिए। संदीप का आरोप है कि जब उसने विरोध किया तो चौकी प्रभारी ने कहा कि थप्पड़ तो एसपी के कहने पर मारे हैं। उधर चौकी प्रभारी राजेश कुमार का कहना है कि उसने युवक को मोबाइल फोन से रिकार्डिंग करने से रोका था। कोई थप्पड़ नहीं मारा है।
ऐसे व्यवहार से न्याय की क्या उम्मीद:
एक ओर पुलिस विभाग जनता और पुलिस के बीच मैत्रीय व्यवहार स्थापित करने के लिए राहगीरी कार्यक्रम चला रहा है। पुलिस अधीक्षक हामिद अख्तर भी बार-बार अपने भाषण में जनता के साथ प्रेमपूर्वक व्यवहार करने के लिए निर्देश देते रहते हैं। लेकिन पुलिस कर्मी अपनी छवि त्यागने को तैयार नहीं है। चौकी या थाने में जाने वाले शिकायत कर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार आम बात है। पुलिस के इसी व्यवहार के चलते लोग थाने में शिकायत तक दर्ज कराने नहीं जाते। ऐसे में पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पाता है।