अमर उजाला ब्यूरो
ओेेढां (सिरसा)।
गोवंश से भरे एक ट्रक ने पुलिस सिरदर्दी पैदा कर दी। मामले को लेकर पुलिस को जहां गोभक्तों की नाराजगी झेलनी पड़ी, क्योंकि गोशाला संचालकों ने बैलों को लेने इंकार कर दिया। उनका तर्क है कि पुलिस हर बार खर्चा दिलाने के बहाने नंदी गोशाला में छोड़ देते हैं, लेकिन खर्च नहीं दिलाती। ऐसे में पुलिस काफी समय तक इधर-उधर अन्य गोशालाओं से संपर्क साधती रही। आखिरकार गोशाला कमेटी ने उतारे गए गोवंश को पुन: ट्रक में भरवाकर रवाना कर दिया।
वहीं पुलिस ने गोशाला संचालकों से कहा कि वे ये गोवंश कहां लेकर जाएंगे, लेकिन गोशाला कमेटी ने स्पष्ट कह दिया कि पुलिस चाहे कुछ भी कर लें वे बैलों को नहीं रखेंगे। गोशाला के पदाधिकारियों ने पुलिस द्वारा उतरवाए गए गोवंश को पुन: ट्रक में भरवाकर पुलिस के साथ ही रवाना कर दिया। कई घंटों की जद्दोजहद के बाद पुलिस ने कालांवाली में संपर्क साधकर ट्रक खाली करवाया। हुआ यूं कि ओढां थाना प्रभारी जगदीश जोशी ने दोपहर को गोवंश से भरे ट्रक की सूचना मिलने के बाद सालमखेड़ा में नहर के निकट नाकाबंदी कर दी। पुलिस ट्रक को कब्जे में लेकर थाने में ले आई। जब उसकी जांच पड़ताल की तो ट्रक में धान के भूसे से भरे थैलों के पीछे छुपाकर ले जाया जा रहा 17 गोवंश बरामद किया, जिनमें से 12 बैल और 5 गाय शामिल थीं। इसी दौरान हलोपा नेता निर्मल सिंह मलड़ी भी ट्रक के साथ ही थाने में पहुंच गए। पुलिस ने ट्रक में सवार चालक सहित दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। जिसके बाद पुलिस व हलोपा नेता गौवंश से भरे ट्रक को ओढां की गोशाला में ले जाकर खाली करवा दिया। इस बात का पता जैसे ही गौशाला के पदाधिकारियों को लगा तो वे गोशाला में पहुंच गए और उन्होंने गौवंश उतारने पर पुलिस कार्रवाई पर एतराज जताया। इसी दौरान गोशाला के गेट को भी पदाधिकारियों ने ताला लगा दिया। उन्होंने पुलिस से स्पष्ट कह दिया कि वे गोशाला में बैलों को हरगिज नहीं रखेंगे। पुलिस गोशाला कमेटी को गोसेवा का हवाला देकर काफी देर तक जद्दोजहद करती रही, लेकिन कमेटी ने पुलिस की एक नहीं सुनी और बैलों को वापस चढ़ाने की बात कह दी। कमेटी ने उतारे गए गोवंश को पुन: ट्रक में भरकर पुलिस के साथ रवाना कर दिया। कमेटी के अनुसार उक्त ट्रक पंजाब के मोगा से भरा गया था। जिसे रास्ते में अन्य गोशालाओं में भी खाली करवाया जा सकता था लेकिन पुलिस हर बार ट्रक को ओढां गोशाला मेें ही खाली करवा देती है। इस कार्रवाई के लिए गोभक्तों ने पुलिस के साथ-साथ हलोपा नेता निर्मल सिंह के खिलाफ भी रोष व्यक्त किया।
हम क्या करें बैलों का
गोशाला के प्रधान रूपिन्द्र सिंह कुंडर, पूर्व सरपंच पलविन्द्र चहल, दर्शन सिंह मलकाना ने बताया कि पुलिस जब भी गोवंश या कटडे़ से भरा ट्रक पकड़ती है तो सभी को यहां लाकर छोड़ दिया जाता है। इस दौरान पुलिस की दलील होती है कि उन्हें इसके लिए खर्चा दिलवा दिया जाएगा, लेकिन आज तक उन्हें एक रुपया भी नहीं मिला। उन्हाेंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि ये गोशाला है नंदीशाला नहीं। प्रशासन अपने स्तर पर चाहे अन्य कहीं भी प्रयास करें, लेकिन वे बैलों को गोशाला में नहीं रखेंगे। पदाधिकारियों ने असमर्थता जताते हुए कहा कि गोशाला में पहले से ही बड़ी संख्या मेें गौवंश है। गोशाला कमेटी ने बताया कि 17 गोवंश में से 4 गायों को गोशाला में रखा गया है।
पुलिस ने जब गोवंश से भरा ट्रक पकड़ा है तो उसे कहीं न कहीं तो खाली करना ही होता है। गोशाला कमेटी ने बैल रखने पर एतराज जताया था, जिसके बाद बैलों को ट्रक में भरकर अन्य नंदीशाला में भेजा है। पुलिस ने ट्रक चालक और एक अन्य को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-जगदीश जोशी, एसएचओ ओढां।