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गुरमीत राम रहीम की सुरक्षा में तैनात रहे कमांडो राम सिंह ने की आत्महत्या

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गुरमीत राम रहीम की सुरक्षा में तैनात रहे कमांडो राम सिंह ने की सुसाइड
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सिरसा। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की सुरक्षा में तैनात रहे हरियाणा पुलिस से बर्खास्त कमांडो राम सिंह ने बुधवार शाम को जहर खा लिया। ग्रामीणों ने उसे उपचार के लिए डेरा सच्चा सौदा संचालित अस्पताल में दाखिल करवाया। यहां रात साढ़े 11 बजे उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर चौपटा थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया। वीरवार सुबह शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल लाया गया। मृतक के परिजनों का कहना है कि राम सिंह सरकार द्वारा उसे नौकरी से बर्खास्त करने के फैसले से परेशान था। नौकरी चले जाने के कारण उसे अपने और परिवार के भविष्य की चिंता सता रही थी।
गांव शकरमंदोरी निवासी 38 वर्षीय राम सिंह वर्ष 2000 में हरियाणा पुलिस में बतौर सिपाही भर्ती हुआ था। पिछले वर्ष उसकी तैनात फतेहाबाद जिले में थी। 11 अगस्त 2017 को विभाग द्वारा उसकी तैनाती डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की जेड प्लस सिक्योरिटी में कर दी गई। 25 अगस्त 2017 को डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की साध्वी यौन शोषण मामले में पंचकूला सीबीआई कोर्ट में पेशी थी। डेरा सच्चा सौदा से डेरा मुखी को कड़ी सुरक्षा के बीच सिरसा से पंचकूला ले जाया गया। जेड प्लस सुरक्षा में तैनात राम सिंह सहित अन्य सुरक्षा कर्मी डेरा मुखी के साथ पंचकूला गए थे। डेरा मुखी को सीबीआई कोर्ट द्वारा यौन शोषण मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद पंचकूला में हिंसा भड़क गई। सरकार की जांच में राम सिंह सहित सात पुलिस कर्मियों पर डेरा मुखी को भगाकर ले जाने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया। इसके बाद पुलिस विभाग से उक्त कर्मियों को बर्खास्त करके इनके खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज किया गया । करीब तीन माह पहले राम सिंह को इस मामले में जमानत मिल गई। बुधवार शाम को राम सिंह ने गांव के पास से गुजरने वाली माखोसिरानी माइनर पर पहुंचा। यहां उसने सलफास की गोलियां खा ली। ग्रामीणों ने उसे बेसुध हालत में नहर किनारे गिरे देखा। इसके बाद उसे उपचार के लिए गांव के पास ही स्थित डेरा सच्चा सौदा संचालित अस्पताल में ले जाया गया। यहां उपचार के दौरान रात को राम सिंह की मौत हो गई। राम सिंह का बेटा राहुल कक्षा दसवीं में पढ़ रहा है।
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भविष्य को लेकर था चिंचित
मृतक राम सिंह के छोटे भाई नामधारी का कहना राम सिंह को पुलिस विभाग ने ही डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की सुरक्षा में तैनात किया गया था। पंजाब पुलिस के जवान भी डेरा मुखी की सुरक्षा में तैनात थे। पंजाब सरकार ने डेरा प्रमुख की सुरक्षा में तैनात रहे अपने जवानों को बहाल कर दिया, लेकिन हरियाणा सरकार ने अपने जवानों को बहाल नहीं किया। सरकार के फैसले से परेशान राम सिंह को अपने परिवार के भविष्य की चिंता सताने लगी। इसी परेशानी के चलते उसने जहर खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। राम सिंह का बेटा राहुल कक्षा दसवीं में पढ़ रहा है।
डेरा मुखी को भगाने का किया था प्रयास
25 अगस्त 2017 को सीबीआई जज ने जब राम रहीम को रेप का दोषी ठहरा दिया तो पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया। इसी दौरान उसके साथ आए सरकारी व प्राइवेट कमांडो ने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों के साथ झगड़ा कर डेरामुखी को भगाने का प्रयास किया। पंचकूला पुलिस ने जांच करने के उपरांत हेड कांस्टेबल अजय, राम सिंह, विजय सिंह, कांस्टेबल बलवान सिंह व सब-इंस्पेक्टर कृष्ण दास को गिरफ्तार लिया। पंचकूला पुलिस ने इन सभी के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर रखा है।
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मृतक के भाई नामधारी का बयान दर्ज करके इस मामले में इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई अमल में लाई गई है। दोपहर को शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों ने बयान दिया है कि राम सिंह काफी समय से परेशान था। इसलिए उसने सल्फास की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली।
विजेंद्र कुमार, जांच अधिकारी।
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