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रिसा ब्लाक समिति की चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव हुआ पारित

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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
सिरसा ब्लॉक समिति की चेयरपर्सन के खिलाफ सोमवार को अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बैठक आयोजित की गई। चेयरपर्सन के खिलाफ 20 सदस्यों ने उपस्थिति दर्ज करवाई। पीठासीन अधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि वे अपने रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपेंगे, अगला फैसला उपायुक्त को ही करना है। उधर, चेयरपर्सन को पद से हटाने की औपचारिकता रह गई है।
गौरतलब हो कि जनवरी 2016 में सिरसा ब्लॉक समिति के चुनाव में हुए थे, जिसमें वार्ड 20 की सदस्य पनिहारी निवासी ममता इनेलो के समर्थन से विजयी हुईं थीं। अध्यक्ष पद का महिला के लिए आरक्षित था ऐसे में ममता ने भाजपा का दामन थामा और अध्यक्ष के चुनाव में 30 में से 19 वोट हासिल की जीत हासिल की। इसके बाद अन्य सदस्य अध्यक्ष पर सही ढंग से बात न करने और विकास कार्यों में मनमानी के आरोप लगाने लगे। जब पानी सिर के ऊपर से निकल गया तो 21 दिसंबर 2017 को 25 सदस्यों ने तत्कालीन उपायुक्त के समक्ष पेश होकर उपस्थिति दर्ज करवाई और प्रधान के खिलाफ अविश्वास लाने की मांग की।
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प्रधान के खिलाफ अविश्वास को लेकर सोमवार को बैठक बुलाई गई, जिसमें एडीसी मनीष नागपाल को पीठासीन अधिकारी और कार्यकारी अभियंता विक्रम जीत को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। सदस्यों की पहचान करने की जिम्मेदारी बीडीपीओ रवि कुमार निभा रहे थे। मौके पर पुलिस बल तैनात था। निर्धारित समय ठीक दो बजे कार्रवाई शुरू कर दी गई। सदस्यों को ढाई बजे तक कक्ष में पहुंचने का समय दिया गया। निर्धारित समय पर वार्ड एक से पूनम मीरपुर, तीन से रमेशचंद ढाणी 400, चार से लक्खाराम चामल, छह से नमन अहमदपुर, आठ से चरणजीत सिंह नटार, 11 से नीटू माधोसिंघाना, 13 से देेवेंद्र कौर शाहपुर बेगू, 15 से प्रियंका फूलकां, 17 से संगीता रानी कोटली, 18 से नम्रता नेजाडेला 21 से भजन लाल ढाणी भरोखां, 22 से सुरेंद्र कुमार बरूवाली, 23 से सुनीतारानी दडबी, 24 से जीवनदास सिकंदरपुर, 25 से महेंद्र कुमार वेदवाला, 27से प्रेमचंद ढाणीरामपुरा, 29 से जसविंद्र सिंह बग्गूवाली और 30 से राजेंद्र पतली डाबर मौके पर पहुंचे। वार्ड 11 से धर्मेंद्र कुमार 2.44 पर पहुंचे पर उन्हें बाहर ही रोक दिया गया।
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अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के लिए दो तिहाई सदस्यों का मौजूद होना जरूरी है। इस बैठक में कॉलम पूरा रहा। एडीसी मनीष नागपाल ने कहा कि उन्हें उपायुक्त ने पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया था, जिसे लेकर सोमवार को बैठक बुलाई थी। निर्धारित समय तक 20 सदस्यों ने उपस्थिति दर्ज करवाई। वे अपनी रिपोर्ट बनाकर उपायुक्त को सौंप देंगे, जिसे पर उपायुक्त को ही फैसला लेना है। उधर, उपायुक्त से फोन किया तो उनके पीए ने उनके हवाले से कहा कि अभी तक रिपोर्ट नहंी मिली है। रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
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