झगड़े में पत्नी ने पिटाई का विरोध किया तो पति ने पेट में घोंपा सुआ
सिरसा। जिला के गांव कोटली में एक व्यक्ति ने शनिवार देर रात अपनी पत्नी के पेट में सुआ घोंप कर हत्या कर दी और फरार हो गया। मामले की सूचना मिलने पर मृतका के मायके वाले गांव बाजेकां से मौके पर पहुंचे और उन्होंने वारदात की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए। पुलिस ने मृतक के शव का नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर उसे मायके वालों को सौंप दिया और बेटे के बयान पर मृतका के पति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं मायके वालों ने बाजेकां में रविवार दोपहर बाद मृतका का अंतिम संस्कार कर दिया। बता दें कि कोटली रेलवे स्टेशन के पास स्थित जयमल कॉलोनी में तिलकराज अपनी 38 वर्षीय पत्नी गीता के साथ रहता था। दोनों दंपति मजदूरी करके अपने तीन बच्चों नवीन, सपना और मोनू का पालन पोषण करते थे और तीनों बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं।
मृतका गीता के भाई गांव बाजेकां निवासी अशोक कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने गीता की शादी वर्ष 1998 में गांव सुचान कोटली निवासी तिलकराज से की थी। शादी के कुछ समय बाद से ही तिलकराज शराब पीकर उसकी बहन गीता के साथ मारपीट करता था और उसे मायके भेज देता था। इस मामले को लेकर कई बार पंचायत भी हुई, लेकिन हर बार तिलकराज माफी मांग कर गीता को मायके से अपने घर ले जाता था। कुछ माह तक ठीक ठाक चलता। इसके बाद फिर से गीता को परेशान करने लगता था। मृतका के भाई अशोक कुमार का आरोप है कि तिलकराज शनिवार रात को शराब का सेवन कर घर पहुंचा। उसने पहले तो गीता के साथ मारपीट की जब गीता ने उसका विरोध किया तो तिलकराज ने कट्टे सिलने वाला सुआ गीता के पेट में घोंप दिया। जिसके कारण गीता की मौत हो गई।
सुसराल वालों ने पहले कहा कि हार्टअटैक से मौत हो गई गीता की
अशोक कुमार ने बताया कि शनिवार रात करीब साढ़े 9 बजे तिलकराज के भाई राजा राम ने फोन कर कहा कि गीता को हार्टअटैक हो गया है। जिसके कारण उसकी मौत हो गई। इसके बाद वह अपनी माता ज्ञानदेवी, चचेरे भाई कमल, दीपक और चाचा राजकुमार के साथ गांव कोटली में करीब रात 11 बजे पहुंचा तो गीता फर्श पर मृत पड़ी हुई थी। पूछताछ के दौरान गीता के ससुराल वालों ने कहा कि गीता को अचानक हार्टअटैक आ गया और उसकी मौत हो गई। लेकिन कमरे में खून के धब्बे दिखाई दिए। सबूत खत्म करने के लिए आरोपी तिलकराज ने खुद ही गीता के कपड़े बदले। शक होने के बाद जब उन्होंने गीता की कमीज को उठाया तो उसके पेट पर घाव के निशान था। तब उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। आरोपी तिलकराज पहले ही फरार हो चुका था। पुलिस ने व फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट टीम ने खून के धब्बे व अन्य सबूत कब्जे में लिए। वारदात के बाद घटना के समय गीता के तीनों बच्चे दूसरे कमरे में सो रहे थे। शोर सुन कर गीता का बड़ा बेटा नवीन भाग कर कमरे में आया और उसने घटना अपने चाचा राजा राम को दी। राजा राम ने अपने भाई को बचाने के कहा कि हार्टअटैक से गीता की मौत हुई है।
वर्जन
मृतका गीता के बेटे नवीन की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी तिलकराज के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी फरार है उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापामारी कर रही है। उम्मीद है जल्द ही आरोपी पकड़ा जाएगा। फिंगरप्रिंट टीम ने मौके से कुछ सबूत जुटाएं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- राजकुमार, जांच अधिकारी डिंग।
फोटो 12 नागरिक अस्पताल के बाहर खड़े मृतका के परिजन व पुलिस।