रुपये दोगुना करने नाम पर धोखाधड़ी करने के दो दोषी को दो-दो साल कैद
अदालत ने दोनों पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगायासिरसा। रुपये डबल करने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को अदालत ने दोषी करार देकर दो-दो साल कैद व दो-दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर 15-15 दिन अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। इस मामले में पुलिस ने जून 2012 में केस दर्ज किया था।
मामले के अनुसार जींद के गांव खटकड़ निवासी राकेश कुमार चार जून 2012 को जींद से ट्रेन में सवार होकर पंजाब जा रहा था। उसे ट्रेन में एक युवक मिला। उक्त युवक फोन पर किसी से रुपये डबल करके देने की बात कर रहा था। राकेश ने उससे बातचीत की तो उसने कहा कि वह सैकड़ों लोगों के रुपये डबल करके दे चुका है। उक्त युवक ने राकेश को अपना नाम काका निवासी फतेहपुर बताया। काका ने राकेश से कहा कि रुपये डबल करवाने हो तो बता देना। राकेश ने उसे कहा कि वो दो लाख रुपये उसे देगा। काका ने राकेश को छह जून 2012 को रुपये लेकर सिरसा रेलवे स्टेशन पर बुला लिया। राकेश रुपये लेकर स्टेशन के पास पहुंचा तो काका उसके पास आया। राकेश ने काका को दो लाख रुपये था दिए। इतने में एक बाइक सवार पुलिस वाला उनके पास आया और उन्हें धमकाने लगा। काका ने दो लाख रुपये पुलिस वाले को थमा दिए और कहा कि हमें छोड़ दो आगे से गलती नहीं होगी। बाद में काका उक्त पुलिस कर्मी के साथ बाइक पर सवार होकर चला गया। कुछ दिनों बाद राकेश को पता चला कि उसे ठगने के लिए काका ने अपने साथी के साथ नकली पुलिस का ड्रामा रचा था। राकेश ने पुलिस थाने में जाकर अपनी शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की तो पता चला कि जो शख्स खुद को काका बता रहा था असल में उसका नाम नीरज निवासी हनुमानगढ़ है और नकली पुलिस बनकर आया युवक रिंकपाल निवासी फतेहपुर है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया। करीब छह साल अदालत में चले इस मामले का निपटारा करते हुए सीजेएम कोर्ट ने रिंकपाल व नीरज को धोखाधड़ी का दोषी करार देते हुए दो-दो साल कैद की सजा सुना दी।