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पुलिस लाइन हत्याकांड:

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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
पुलिस लाइन के सरकारी क्वार्टर में चाकू से गोदकर एक मासूम बच्ची की हत्या व पत्नी को घायल करने वाले पुलिस कर्मी पिता को अदालत ने दोषी करार दिया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रवीण कुमार की अदालत ने सजा का फैसला सुरक्षित रखा है। दिल दहला देने वाले इस हत्याकांड के दोषी अनिल कुमार को सोमवार दोपहर सजा सुनाई जाएगी। पुलिस विभाग से लेकर शहरवासियों की नजर अब हत्यारे की सजा पर टीकी हुई हैं। कानून के ज्ञाताओं का कहना है कि हैवानियत की हदें पार करके हत्याकांड को अंजाम दिया गया है, ऐसे में अदालत हत्यारे को उम्र कैद से लेकर फांसी तक की सजा सुना सकती है। निलंबित हवलदार अनिल कुमार ने दोनों बच्चियों के अलावा अपनी पत्नी पर भी चाकू से ताबड़ तोड़ वार किए रहे।
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ये था मामला
गांव चौटाला निवासी हवलदार अनिल कुमार का अपनी पत्नी संतोष के साथ मन मुटाव चल रहा था। अनिल कुमार ओढां पुलिस थाने में मुंशी तैनात था और वह अपने परिवार के साथ सिरसा पुलिस लाइन में सरकारी क्वार्टर में रहता था। 16 जून 2016 की रात अनिल कुमार अपने सरकारी क्वार्टर में आया। घर आते ही उसका अपनी पत्नी संतोष रानी से झगड़ा हो गया। इस दौरान उसने चाकू लेकर पत्नी पर लगातार वार किए। मां की चिल्लाने की आवाज सुनकर बेड पर सोई अनिल की आठ वर्षीय बेटी तनु और दो वर्षीय प्रेरणा जाग गई और उन्होंने उसे संतोष को चाकू मारते देख लिया। इसके बाद उसने अपनी आठ वर्षीय बेटी तनु और दो वर्षीय प्रेरणा को भी चाकू मार दिया। तीनों को मरा हुआ समझकर वह उन्हें घर में बंद करके फरार हो गया। थोड़ी देर बाद पत्नी संतोष को होश आया तो उसने हिम्मत करके खिड़की बाहर की ओर छलांग लगाई। शोर मचाने पर लाइन में रहने वाले पुलिस कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने गेट तोड़कर घायल तनु और प्रेरणा को बाहर निकला। इसके बाद तीनों अस्पताल ले जाया गया। पुलिस लाइन के क्वार्टर में इतनी बड़ी वारदात होने की सूचना पर पुलिस अधीक्षक सतेंद्र गुप्ता, मौके पर पहुंचे। आरोपी अनिल कुमार भागकर अपनी मां के घर गांव चौटाला गया था। पुलिस टीम ने उसे गांव में घेरकर पकड़ लिया। उपचार के दौरान बड़ी बेटी तनु की मौत हो गई। पुलिस ने अनिल कुमार के खिलाफ जानलेवा हमला व हत्या का केस दर्ज करके उसे अदालत में पेश किया। एडीजे प्रवीण कुमार ने 18 माह में इस मामले का निपटारा करते हुए हत्या आरोपी अनिल को दोषी करार दे दिया।
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