महिला के उपचार में लापरवाही बरतने पर सिविल अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुभाषिनी सस्पेंड
सिरसा । उपचार में लापरवाही बरतने से मरीज की मौत के मामले में सिविल अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुभाषिनी जैन को सस्पेंड कर दिया गया है। आरोपी को सस्पेंड करने ऑर्डर वीरवार शाम सिविल सर्जन को मिले। आरोपी चिकित्सक के सस्पेंशन से मृतक महिला के परिजनों को राहत मिली है।
मामले के अनुसार गांव हंजीरा निवासी महिला सरोज की ऑपरेशन से डिलीवरी सिविल अस्पताल में मई 2017 को हुई थी। डिलीवरी के कई दिनों के बाद परिजन महिला को बच्चेदानी का ऑपरेशन करवाने के सिरसा सिविल अस्पताल में पहुंचे थे। इसी दौरान अस्पताल में नियुक्त मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. सुभाषिनी जैन ने महिला का ऑपरेशन करवाने के लिए निजी अस्पताल की सलाह दी। चिकित्सक महिला को अपने पति के हड्डियों के अस्पताल में ले गई। ऑपरेशन से पूर्व चिकित्सक ने महिला को बेहोशी का इंजेक्शन लगाया तो महिला की कुछ ही देर में हालत बिगड़ गई। आनन-फानन में महिला चिकित्सक स्वयं महिला मरीज को एक निजी अस्पताल में लेकर गई। जहां चार दिनों तक महिला को दाखिल रखने के बाद चिकित्सक ने जवाब दे दिया। इसके बाद महिला चिकित्सक ने महिला के परिजनों को उसे जयपुर के एसएमएस अस्पताल में ले जाने को कहा। जयपुर में करीब 89 दिनों तक दाखिल रहने के बाद महिला की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने स्थानीय पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की। लेकिन न तो पुलिस और न ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मामले के प्रति गंभीरता दिखाई। इसके बाद मामला कष्ट निवारण समिति की बैठक में चला गया। मीटिंग में राज्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को चिकित्सक दंपति पर केस दर्ज करने व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जांच करने के निर्देश दिए। राज्यमंत्री के आदेशों पर पुलिस ने केस दर्ज तो कर लिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। अंतिम बार परिजन अक्तूबर माह में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से मिले। स्वास्थ्य मंत्री ने पूरे मामले को जानने के बाद सरकार को चिकित्सक की लापरवाही से हुई महिला की मौत को देखते हुए सस्पेंशन के लिए पत्र लिख दिया। दो माह बाद सरकार ने कार्रवाई करते हुए महिला चिकित्सक को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए हैं।
रिटायरमेंट के दिन मिला आरोपी का सस्पेंशन आर्डर
विभाग की ओर से चिकित्सक डॉ. सुभाषिनी जैन के सस्पेंशन के लिए जो पत्र जारी किया गया है, वो 31 दिसंबर का है। जबकि विभाग के अधिकारी अभी भी इस पत्र को पुख्ता सबूत नहीं मान रहे हैं। मजे की बात तो ये है कि महिला चिकित्सक ने रिटायरमेंट के लिए भी फाइल भेजी हुई थी। जिसके तहत वीरवार 3 जनवरी को को महिला का अस्पताल में अंतिम कार्यदिवस था। इससेे जाहिर होता है कि स्थानीय अधिकारियों ने चिकित्सक की रिटायरमेंट प्रभावित न हो, इसके लिए दो दिन तक सस्पेंशन के पत्र को लीक नहीं होने दिया।
कोट्स
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-डॉ. सुभाषिनी के सस्पेंशन का पत्र उन्हें सांय 4 बजे प्राप्त हुआ है। आज ही महिला चिकित्सक की वीआरएस थी। सरकार की ओर से महिला चिकित्सक के सस्पेंशन का पत्र 31 दिसंबर को निकाला गया था।
-डॉ. वीरेश भूषण, डिप्टी सिविल सर्जन सिविल अस्पताल