अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
डेरा सच्चा सौदा में साधुओं को नपुंसक बनाने वाले डॉ. महिंदर इंसां को रिमांड के पहले दिन ही दिन पंचकूला एसआईटी मंगलवार सुबह सिरसा लेकर आई। एसआईटी महिंदर इंसां को डेरा मुख्यालय में ले गई और डेरा के अंदर स्थित उस पुराने अस्पताल की निशानदेही करवाई जहां पर सैकड़ों साधुओं का ऑपरेशन करके उन्हें नपुंसक बनाया गया।
डेरे में पहले छोटा सा अस्पताल था, लेकिन करीब चार साल पहले डेरे ने सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल खोल लिया। एसआईटी की टीम डॉ. महिंदर को नए अस्पताल में भी लेकर गई। पांच घंटे तक एसआईटी की टीम डेरा सच्चा सौदा में डॉ. महिंदर से निशानदेही करवाती रही। उसे डेरा के सत्संग हॉल में भी ले जाया गया जहां पर 17 अगस्त से लेकर 22 अगस्त 2017 तक हिंसा का फैलाने का प्लान तैयार किया गया। छह दिनों तक डेरा प्रवक्ता आदित्य इंसां, पवन इंसां, हनीप्रीत, डॉ. महिंदर इंसां सहित डेरा प्रबंधन कमेटी के पदाधिकारी साजिश रचते हुए डेरा अनुयायियों कहते रहे कि ‘अगर डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ अदालत का फैसला आता है तो चुप नहीं बैठना चाहे अपनी जान ही देनी पडे़’।
एसआईटी की टीम इंस्पेक्टर अशोक कुमार के नेतृत्व में आरोपी डॉ. महिंदर इंसां को लेकर सुबह दस बजे सदर थाना में पहुंची। जहां पर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने के बाद एसआईटी की टीम उसे लेकर डेरा सच्चा सौदा रवाना हुई। डेरे में जाकर सबसे पहले डॉ. महिंदर इंसां ने उस जगह की निशानदेही करवाई जहां डेरा का पुराना अस्पताल था। इसी अस्पताल में ज्यादातर साधुओं को नपुंसक बनाया गया। इसके बाद डॉ. महिंदर ने डेरा के नए अस्पताल की निशानदेही करवाई। डॉ. महिंदर एसआईटी को अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में लेकर गया। डॉ. महिंदर इंसां जैसे-जैसे साधुआें को नपुंसक बनाने के बारे में बताया गया, एसआईटी की टीम घटनाक्रम का नक्शा तैयार करती रही। पांच घंटे तक डेरा सच्चा सौदा में रहकर एसआईटी ने साधुआें को नपुंसक बनाने और हिंसा की साजिश तैयार करने का पूरा नक्शा तैयार किया। दोपहर तीन बजे एसआईटी की टीम डॉ. महिंदर इंसां को लेकर सिरसा से रवाना हो गई।
नपुंसक बने साधुओं का जुटाया ब्यौरा
डॉ. महिंदर इंसां को लेकर डेरा सच्चा सौदा पहुंची एसआईटी की टीम ने उससे डेरा में रह रहे साधुओं का ब्यौरा लिया। साथ ही उन साधुओं की सूची तैयार की जो डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की गुफा में रहते थे। खास बात यह है कि जिन साधुओं को नपुंसक बनाया गया वे डेरा मुखी की गुफा की देखरेख से लेकर सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालते थे। गुफा की पूरी निगरानी और अंदर का सारा कामकाज इन साधुओं के हवाले ही रहता था। इसके अलावा डेरा मुखी के पहले सुरक्षा घेरे में हरियाणा पुलिस के कमांडो की बजाए इन साधुओं की तैनाती थी। गुरमीत राम रहीम को इन साधुओं पर ही सबसे ज्यादा भरोसा था। एसआईटी ने इन साधुओं का पूरा ब्यौरा डॉ. महिंदर से लिया है। इनकी संख्या 400 से कहीं ज्यादा सामने आई है।
विपसना इंसा की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी ने की डेरे में छापेमारी
एसआईटी के कसते शिकंजे से घबराकर डेरा सच्चा सौदा प्रबंधन कमेटी की अध्यक्ष विपसना इंसां और उपाध्यक्ष डॉ. पीआर नैन डेरा छोड़कर अंडर ग्राउंड हो गए हैं। विपसना इंसां के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने के तुरंत बाद पंचकूला एसआईटी ने मंगलवार दोपहर डेरा सच्चा सौदा में दबिश दी।
इंस्पेक्टर जसपाल के नेतृत्व में आई एसआईटी की टीम विपसना को गिरफ्तार करने के लिए डेरा मुख्यालय पहुंची, लेकिन विपसना इंसां डेरा में नहीं मिली। गिरफ्तारी वारंट जारी होने की भनक लगने के बाद विपसना डेरा मुख्यालय छोड़कर फरार हो चुकी है। डेरा के अंदर मौजूद लोगाें से भी एसआईटी ने विपसना को लेकर पूछताछ की। पुलिस सूत्रों के अनुसार विपसना बेशक डेरा छोड़कर फरार हो चुकी है, लेकिन वो है सिरसा में ही। इसलिए पंचकूला एसआईटी ने भी उसकी गिरफ्तारी को लेकर सिरसा में ही डेरा डाल लिया है। वहीं, डेरा प्रबंधन कमेटी के उपाध्यक्ष डॉ. पीआर नैन भी डेरा छोड़कर फरार हो गया है। सिरसा पुलिस ने डॉ. नैन के घर पर मंगलवार को फिर से दबिश दी लेकिन वो न घर मिला और न ही डेरा सच्चा सौदा में। सिरसा एसआईटी ने उसके खिलाफ वारंट जारी करने की पूरी तैयारी कर ली है। डॉ. नैन के परिजनों को एसआईटी ने दो दिनों का अल्टीमेटम दिया है। एसआईटी ने नोटिस जारी कर निर्देश दिए हैं कि दो दिनों के अंदर डॉ. नैन को एसआईटी इंचार्ज डीएसपी अजय शर्मा समक्ष पेश होना जरूरी है। नहीं तो उसके खिलाफ आगामी कार्रवाई की जाएगी।
दो दिन बाद जारी कर देंगे वारंट
डॉ. पीआर नैन के घर पुलिस टीम भेजी गई थी, लेकिन वो घर नहीं मिला। नोटिस जारी कर उसके घरवालों से कहा गया है कि दो दिनों के अंदर डॉ. नैन को एसआईटी समक्ष पेश किया जाना चाहिए। अगर दो दिन के अंदर डॉ. नैन जांच में शामिल होने के लिए पेश नहीं हुआ तो उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया जाएगा।
-डीएसपी अजय शर्मा, एसआईटी इंचार्ज, सिरसा।
पुलिस ने 17 और उपद्रवियों के खिलाफ के कोर्ट में दायर की चार्जशीट
सीबीआई कोर्ट की ओर से डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद सिरसा में हुई हिंसा मामले में सिरसा पुलिस ने मंगलवार को 17 ओर उपद्रवियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। इससे पहले सिरसा पुलिस 42 उपद्रवियों के खिलाफ आरोप तय करते हुए चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। हिंसा का यह मामला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश केपी सिंह की अदालत में चल रहा है। अदालत की ओर से देशद्रोह और हिंसा के आरोपियों में से 37 उपद्रवियों को जमानत दी जा चुकी है। अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई 24 जनवरी को होगी। सिरसा पुलिस हिंसा मामले में 80 से ज्यादा उपद्रवियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
बता दें कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को साध्वी रेप मामले में 25 अगस्त 2017 को जैसे ही दोषी करार दिया गया, सिरसा में हिंसा का तांडव शुरू हो गया। डेरा सच्चा सौदा से हजारों की संख्या में डेरा अनुयायी हाथों में हथियार और पेट्रोल बम लेकर सिरसा शहर को आग लगाने के लिए बाहर निकले। डेरा अनुयायियों ने बेगू गांव के बिजली घर और सिरसा के मिल्क प्लांट में पेट्रोल बम फेंककर आग लगा दी। इतना ही नहीं बेगू रोड पर डेरा अनुयायियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग कर दी। सिरसा को बचाने के लिए सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की जिसमें छह उपद्रवी मारे गए। सिरसा पुलिस ने इस मामले में हजारों डेरा अनुयायियों के खिलाफ केस दर्ज किया। पुलिस ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर 80 से अधिक उपद्रवियों को गिरफ्तार कर चुकी है।