अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
साध्वी रेप केस में पंचकूला सीबीआई कोर्ट के फैसले से पहले बेशक प्रदेश सरकार ने सिरसा सहित पूरे राज्य में इंटरनेट सेवा बंद कर दी थी, लेकिन डेरा सच्चा सौदा इंटरनेट सेवा लगातार चलती रही। इसके लिए डेरा की आईटी विंग ने पहले से ही सारे प्रबंध कर लिए थे और दिल्ली से दो लाख 70 हजार रुपये के दो ऐसे हाईटेक वाईफाई उपकरण मंगवाकर सिरसा डेरा और राजस्थान के निठराना स्थित मोबाइल टावर के ऊपर लगाए, जिससे डेरा सच्चा सौदा प्रबंधन के लोग वाईफाई के जरिए इंटरनेट सेवा से जुड़े रहे। इसका खुलासा सिरसा एसआईटी की ओर से गिरफ्तार किए गए डेरा आईटी विंग के साइबर स्पेशलिस्ट प्रवीण कुमार ने पूछताछ में किया है। पंजाब के फिरोजपुर निवासी प्रवीण कुमार वर्ष 2010 से डेरा सच्चा सौदा में रह रहा था।
डेरा के सामने उसकी अनीज कंप्यूटर के नाम से दुकान थी। प्रवीण डेरा की आईटी विंग में शामिल था, उसने ही डेरा सच्चा सौदा में चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। एसआईटी की पूछताछ में प्रवीण कुमार ने खुलासा किया कि सीबीआई कोर्ट के संभावित फैसले और सरकार की तैयारियों को भांपते हुए उन्हें पता चल गया था कि सरकार इंटरनेट सेवा बंद कर देगी। इसलिए दिल्ली से दो आधुनिक हाईटेक वाईफाई उपकरण मंगवाकर डेरा में लगे मोबाइल टावर पर लगाया गया और दूसरा राजस्थान के निठराना में लगे एमटीएस कंपनी के टावर पर लगाया। राजस्थान में इंटरनेट सेवा चालू थी और इसी टावर के जरिए डेरा में इंटरनेट सेवा बहाल रही। प्रवीण को सिरसा एसआईटी ने दो दिन पहले गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसका अदालत से पांच दिन का रिमांड हासिल किया हुआ है।
सारे कंप्यूटरों की हार्ड डिस्क बदल दी थी
एसआईटी की पूछताछ में प्रवीण ने खुलासा करते हुए बताया कि 25 अगस्त 2017 को सीबीआई कोर्ट के फैसले के बाद डेरे में लगे सभी कंप्यूटरों की हार्ड डिस्क और सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर उसने बदल दी थी। इसके लिए उसे आईटी विंग के हेड ने निर्देश दिए थे। पुरानी हार्ड डिस्क आईटी विंग हेड ने छुपा दी थीं जो कोर्ट कमिश्नर के नेतृत्व में डेरा में चलाए गए सर्च ऑपरेशन में बरामद हो गई।
डेरा से बरामद तीन ट्रैक्टर ट्राली
दस दिनों के पुलिस रिमांड पर चल रहे डेरा के एक लाख रुपये इनामी साधु गुरदत्त को साथ लेकर पुलिस शनिवार को डेरा सच्चा सौदा पहुंची। साधु गुरदत्त की निशानदेही पर सिरसा एसआईटी ने तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जब्त की हैं। इन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में ही पत्थर लादकर लाए गए थे। डेरा अनुयायियों ने इन पत्थरों से सुरक्षा बलों पर पथराव किया। शुक्रवार को भी एसआईटी दो घंटे तक डेरा सच्चा सौदा में रही और हिंसा से जुड़े ठोस सबूत जुटाए।
-डॉ. नैन की तलाश में छापेमारी, विपसना फिर हुई अंडर ग्राउंड।
डेरा सच्चा सौदा प्रबंधन कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. पीआर नैन को गिरफ्तार करने के लिए शनिवार दोपहर एसआईटी ने डेरा में जाकर छापेमारी की। करीब एक घंटे तक डेरा खंगालने के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चला। वहीं, विपसना इंसां भी डेरा सच्चा सौदा में नहीं हैं। सूत्रों के अनुसार डेरा चेयरपर्सन विपसना फिर से अंडर ग्राउंड हो चुकी है। बता दें कि डेढ़ महीने पहले सिरसा एसआईटी ने डॉ. पीआर नैन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। तब से पुलिस को उसकी तलाश है, लेकिन उसे गिरफ्तार करने में अभी तक पुलिस नाकाम है।
हिंसा में शामिल हर शख्स होगा गिरफ्तार
हिंसा मामले में जो भी शख्स शामिल रहा है उसे गिरफ्तार कर एसआईटी ठोस सबूत जुटा रही है। डॉ. पीआर नैन की गिरफ्तारी को लेकर भी प्रयास किए जा रहे हैं। एसआईटी की टीमें लगातार उसके छिपने के संभावित स्थानों पर दबिश दे रही हैं।
-अजय शर्मा, डीएसपी एवं एसआईटी इंचार्ज सिरसा।