विजिलेंस ने सीडीएलयू में लगे एयर कंडीशन प्लांट का ढाई घंटे किया निरीक्षण
सिरसा। चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी स्थित मल्टीपर्पस हॉल में 2014 में लगाए गए साढ़े तीन करोड़ के एयर कंडीशन प्लांट को लेकर विजिलेंस ने जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार को पंचकूला से आए विजिलेंस के कार्यकारी इंजीनियर सुरेश सैनी ने स्थानीय विजिलेंस की टीम के इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह, हरमीत सिंह के साथ रिकार्ड खंगाला और मौके पर जाकर भी निरीक्षण किया। टीम सबसे पहले सुबह कार्यकारी अभियंता एसके विज के कार्यालय में पहुंची। वीसी के निजी सचिव होरी लाल को भी वहीं पर ही बुला लिया। विजिलेंस ने ये निरीक्षण जींद के एक अधिवक्ता की शिकायत पर किया है।
करीब साढ़े 11 बजे विजिलेंस के कार्यकारी अभियंता सुरेश सैनी ने मल्टीपर्पज हॉल का निरीक्षण किया। टीम ने ऑडिटोरियम की लाइट भी जलवाई। फ्लोर पर बिछे मेट की भी जांच की। इसके बाद टीम छत पर चली गई। तीसरी मंजिल पर अधिकारियों ने छत पर लगे एयर कंड़ीशनर के ब्रांड और इंसुलेशन को चैक किया और नोट किया। टॉप फ्लोर पर जाकर मशीनरी की भी जांच की और मशीनरी पर लगी लेबलिंग की फोटोग्राफी भी की। इस दौरान सीडीएलयू के एक्सईएन सतीश कुमार विज, एसडीओ सुरेंद्र नुइयां ने भी जांच में सहयोग किया और रिकार्ड भी उपलब्ध करवाया। टीम ने करीब डेढ़ बजे तक अपनी जांच पूरी की और फिर चली गई। जानकारी के अनुसार जींद के एक अधिवक्ता ने विजिलेंस को शिकायत भेजकर आरोप लगाए थे कि करीब साढ़े तीन करोड़ के एयर कंडीशन की खरीद में घपलेबाजी हुई है।
वीसी के निजी सचिव होरीलाल के खिलाफ है शिकायत, रिकार्ड भिजवाया
स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने 21 जनवरी 2019 को सीडीएलयू को पत्र भेजकर मल्टी पर्परज हाल में तत्कालीन वीसी राधेश्याम शर्मा के कार्यकाल में लगाए गए एयरकंडीशन का पूरा रिकार्ड मांगा था। उस समय होरी लाल उनके निजी सचिव थे। मौजूदा वीसी विजय कायत के भी वे निजी सचिव है। विजिलेंस द्वारा पत्र जारी करने पर सीडीएलयू ने एक महीने पहले यह रिकार्ड भी विजिलेंस के पास भेज दिया। जिसमें बताया गया कि एयर कंडीशन सुपर टेक एयरकोन प्राइवेट लिमिटेड ने सबसे कम रेट पर लगाया है। इसके लिए टेंडर मांगे गए थे। टेंडर कमेटी की एप्रूवल पर टेंडर दिया गया था और एजेंसी ने जब वर्क पूरा किया तो प्री ऑडिट सिस्टम को अपनाया गया स्थानीय ऑडिट विभाग ने प्री ऑडिट बिल जमा होने के बाद ही पेमेंट का भुगतान किया। सीडीएलयू ने करीब 90 पेजों का रिकार्ड विजिलेंस ब्यूरो को सौंपा। जिसमें कि एस्टीमेट, टेंडर नोटिस, कोटेशन, टेंडर रेट अप्रूवल, एलाटमेंट ऑफ वर्क लेटर और एग्रीमेंट की कॉपी भी भेजी।
वहीं वीसी के पीए होरीलाल का कहना है कि उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है। वे अपने निजी काम के लिए कार्यकारी अभियंता के पास गए थे।
विजिलेंस की टीम जांच के लिए आई है। हमने उन्हें जांच में सहयोग किया गया है। जो रिकार्ड था वो भी उपलब्ध करवा दिया गया है। साथ ही उन्हें निरीक्षण भी करवाया गया।
एसके विज, कार्यकारी अभियंता, सीडीएलयू, सिरसा।