अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
साध्वी रेप मामले में गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद सिरसा और पंचकूला में हुई हिंसा में अहम भूमिका अदा करने वाले डेरा के सिरसा ब्लॉक भंगीदास कस्तूर इंसां को पुलिस ने मंगलवार रात दबोच लिया। हिंसा की साजिश रचने में आदित्य इंसां, पवन इंसां, हनीप्रीत और महिंदर इंसां के बाद पांचवां अहम रोल भंगीदास कस्तूर इंसां ने निभाया था। काफी समय से पुलिस को इसकी तलाश थी।
मंगलवार रात को पुलिस ने सिरसा के रानियां रोड क्षेत्र से कस्तूर इंसां को धर दबोचा। बुधवार दोपहर पुलिस ने उसे सुरक्षा के बीच सीजेएम कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने अदालत से उसका रिमांड मांगा, लेकिन अदालत ने रिमांड न देते हुए उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। हिंसा मामले में कस्तूर की गिरफ्तारी सिरसा पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी है।
साध्वी यौन शोषण मामले में सीबीआई कोर्ट का फैसला आने से पहले डेरा सच्चा सौदा प्रबंधन को संभावित फैसले का अंदाजा हो गया था। कोर्ट का फैसला 25 अगस्त 2017 को आना था और इसी माह में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम का जन्म दिन भी था। डेरा सच्चा सौदा में डेरा मुखी का जन्म दिन सप्ताह मनाया गया था। इस मौके पर डेरा में लाखों की संख्या में अनुयायी एकत्रित हुए थे। 17 से 22 अगस्त तक डेरा के अंदर सीबीआई कोर्ट के संभावित फैसले के चलते आदित्य इंसां, पवन इंसां, हनीप्रीत, हमिंदर इंसां और कस्तूर इंसां आदि ने हिंसा की साजिश रच डेरा मुखी को कोर्ट के बाहर से ही छुड़वाने का प्लान तैयार किया। डेरा के अंदर अनुयायियों को भड़काया गया कि अगर फैसला खिलाफ आया तो चुप नहीं बैठना है। सिरसा में हिंसा को अमली जामा पहनाने की सारी जिम्मेदारी सिरसा ब्लॉक भंगीदास कस्तूर इंसां की थी।
25 अगस्त की दोपहर पंचकूला सीबीआई कोर्ट ने जैसे ही डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिया। सिरसा में हिंसा भड़क गई, आरोप है कि कस्तूरी इंसां ने डेरा अनुयायियों को डेरा से बाहर निकलकर आगजनी के लिए उकसाया। उसकी अगुवाई में ही हजारों डेरा अनुयायी हाथों में हथियार और पेट्रोल बम लेकर सिरसा शहर की ओर बढ़े। जगदंबे पेपर मिल के पास उपद्रवियों ने शहर की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा बलों पर फायरिंग कर दी। जवाब में सुरक्षा बलों ने गोलियां चलाईं।
देशद्रोह सहित कई संगीन धाराएं लगाई
हिंसा फैलाने के आरोपी कस्तूरी इंसां पर पुलिस ने देशद्रोह, जानलेवा हमला करना, सरकारी कार्य में बाधा, तोड़फोड़, आगजनी, सरकारी आदेशों की अवहेलना, शस्त्र अधिनियम और पब्लिक प्रॉपर्टी डैमेज एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। कस्तूर काफी दिनों से पुलिस को चकमा देकर डेरा सच्चा सौदा सहित कई जगहों पर छुप रहा था। मंगलवार को रानियां रोड क्षेत्र से उसे दबोच लिया गया। अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
-सुरजीत सहारण, जिला पुलिस प्रवक्ता सिरसा।
डॉ. महिंदर को लेकर दूसरे दिन भी सिरसा में डटी रही एसआईटी
डेरा सच्चा सौदा के डॉ. महिंदर इंसां को लेकर पंचकूला एसआईटी लगातार दूसरे दिन भी डटी रही। बुधवार को एसआईटी की टीम महिंदर को सिरसा के रानियां सहित कई जगहों पर लेकर गई और निशानदेही करवाई। एसआईटी उससे डेरा में नपुंसक बने साधुओं का पूरा ब्यौरा जुटा रही है। सिरसा, रानियां, डबवाली और ऐलनाबाद क्षेत्र के काफी लोग डेरा में आकर साधु बने और बाद में उन्हें यहां नपुंसक बनाया गया। रिमांड के दूसरे दिन एसआईटी को आरोपी डॉ. महिंदर इंसां से खास बात पता चली कि सिरसा अदालत परिसर में वर्ष 2012 को जिस डेरा अनुयायी ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या की वह उसे भी डेरा में नपुंसक बनाया गया था। ऐसे काफी अनुयायियों के नाम भी सामने आ रहे हैं जो साधु नहीं थे, लेकिन वे लोग अपनी इच्छा से नपुंसक बने। अदालत परिसर में डेरा अनुयायी द्वारा खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने के मामले में जांच अधिकारी रहे सब इंस्पेक्टर राज कुमार ने बताया कि उक्त डेरा अनुयायी का सिविल अस्पताल में जब डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम किया तो उसके नपुंसक होने खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ। अनुयायी के पास एक सुसाइड नोट मिला था, जिसमें लिखा था कि सीबीआई कोर्ट में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की नियमित हो रही पेशी से आहत होकर वह सुसाइड कर रहा है। पुलिस रिमांड में महिंदर से एसआईटी को उन नपुंसक बने साधुओं का भी पता चला है जो 25 अगस्त 2017 के बाद से डेरा छोड़कर पंजाब में चले गए। वीरवार को डॉ. महिंदर इंसां की रिमांड अवधि समाप्त होगी और एसआईटी उसे दोबारा पंचकूला अदालत में पेश करेगी।
विपसना और डॉ. नैन अभी तक लापता
डेरा प्रबंधन कमेटी की अध्यक्ष विपसना इंसां और उपाध्यक्ष डॉ. पीआर नैन के अंडर ग्राउंड होने के बाद से पंचकूला और सिरसा एसआईटी उनकी तलाश में जुटी हुई है। बुधवार को भी दोनों डेरा पदाधिकारियों का कोई पता नहीं चल पाया। विपसना के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद से ही पंचकूला एसआईटी उसे गिरफ्तार करने के लिए लगातार दबिश दे रही है। एसआईटी विपसना और डॉ. नैन की तलाश में डेरा सच्चा सौदा के अंदर दबिश दे चुकी है। एसआईटी सिरसा के इंचार्ज डीएसपी अजय शर्मा डॉ. नैन को नोटिस जारी कर दो दिनों का समय पेश होने के लिए दे चुके हैं। अगर वीरवार को डॉ. नैन एसआईटी के सामने पेश नहीं हुआ तो उसके खिलाफ वारंट जारी कर दिया जाएगा।
हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की धरपकड़ तेज करो : एसपी
गुरमीत राम रहीम प्रकरण को लेकर सिरसा में हुई हिंसा मामले में शेष बचे उपद्रवियों की धरपकड़ तेज करने के लिए पुलिस अधीक्षक सिमरदीप सिंह ने पुलिस अधिकारियों सख्त निर्देश दिए हैं। बुधवार शाम को एसपी ने इस मामले को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान सिरसा एसआईटी को निर्देश दिए कि हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की धरपकड़ तेज की जाए। इस मामले में जितने भी लोग लापता है उसकी तलाश कर उन्हें गिर तार करके अदालत में पेश किया जाए। बैठक में एसआईटी इंचार्ज डीएसपी अजय शर्मा, शहर थाना प्रभारी राम सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहेे।